बीकानेर: अब पानी किया बर्बाद तो दर्ज हो सकता है मुकदमा, पढ़ें ये खबर
बीकानेर: इतने तारीख से हो जाएगी पूर्ण नहरबंदी, इस बार इतने दिन की होगी
बीकानेर। इंदिरा गांधी नहरी क्षेत्र में आंशिक नहरबंदी शुक्रवार शाम से शुरू हो गई है। शाम 6:00 बजे हरि के बैराज से पानी बंद कर दिया गया। इसके बाद 27 अप्रैल तक सिर्फ पीने लायक 2000 क्यूसेक पानी दिया जाएगा। इस बीच पीएचडी समेत तमाम जलाशय भरकर रख लिए गए हैं। 27 अप्रैल से जब पूर्ण नहरबंदी शुरू होगी तब जमा किए गए पानी से 27 मई तक प्यास बुझेगी। दरअसल पंजाब सीमा में आने वाली इंदिरा गांधी नहर की मरम्मत का कार्य चल रहा है। इस साल 16 किमी नहर पंजाब सीमा में मरम्मत के लिए बची है।
उसके लिए पंजाब में 60 दिन की नहरबंदी ली है। इसमें 30 दिन आंशिक जिसमें पीने लायक 2000 क्यूसेक पानी मिलेगा और आखिरी के 30 दिन पूर्ण नहरबंदी होगी। जिसमें जमा किए गए पानी से ही प्यास बुझानी होगी। नहरबंदी शुक्रवार यानी 27 मार्च से आंशिक रूप से शुरू हो गई है। शुक्रवार से पहले बीकानेर, हनुमानगढ़ ,श्रीगंगानगर ,नागौर, चूरू, जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर, सीकर, झुंझुनू जिलों के तमाम जलाशय फुल कर दिए गए हैं
मोहल्लों और कॉलोनी में कुछ लोगों की जिद होती है की पाइप लगाकर घर धोते हैं। घर के बाहर छिड़काव भी करते हैं ऐसे में अब नहरबंदी शुरू हो गई है। इस दौरान लोगों को पीने का पानी ही नसीब हो जाए तो गनीमत है। ऐसे में जो लोग पानी का दुरुपयोग करें उनको रोके टोके। फिर ना माने तो उनकी शिकायत पीएचडी में करें। क्योंकि पानी अनिवार्य आवश्यकता की चीज है और ऐसे में पानी बर्बाद करने वालों के खिलाफ मुकदमा तक दर्ज हो सकता है।
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