Khulasa Online
Breaking
• रेलवे ने टिकट कैंसिल करने के नियम किए सख्त, ये नियम किया खत्म, पढ़े पूरी खबर ... • हरीश राणा का निधन, 13 साल से थे कोमा में; इच्छामृत्यु के लिए सुप्रीम कोर्ट से मिली थी इजाजत • जंग के बीच पहली बार मोदी-ट्रम्प की बातचीत, होर्मुज स्ट्रेट खुला रखने पर दोनों सहमत • महिला के शव के साथ 13 घंटे उड़ता रहा विमान, टेकऑफ के बाद मौत हुई; रास्तेभर बदबू से परेशान रहे यात्री • पश्चिम एशिया संकट पर पीएम मोदी की उच्च स्तरीय बैठक जारी, अमित शाह समेत पेट्रोलियम मंत्री भी शामिल • रेलवे ने टिकट कैंसिल करने के नियम किए सख्त, ये नियम किया खत्म, पढ़े पूरी खबर ... • हरीश राणा का निधन, 13 साल से थे कोमा में; इच्छामृत्यु के लिए सुप्रीम कोर्ट से मिली थी इजाजत • जंग के बीच पहली बार मोदी-ट्रम्प की बातचीत, होर्मुज स्ट्रेट खुला रखने पर दोनों सहमत • महिला के शव के साथ 13 घंटे उड़ता रहा विमान, टेकऑफ के बाद मौत हुई; रास्तेभर बदबू से परेशान रहे यात्री • पश्चिम एशिया संकट पर पीएम मोदी की उच्च स्तरीय बैठक जारी, अमित शाह समेत पेट्रोलियम मंत्री भी शामिल
sukhajan
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bansal Group

केईएम रोड से फड़ बाजार जाने वाली सड़क का ये हिस्सा बंद होगा, जाने वजह

bikaner
1 month ago
केईएम रोड से फड़ बाजार जाने वाली सड़क का ये हिस्सा बंद होगा, जाने वजह

केईएम रोड से फड़ बाजार जाने वाली सड़क का ये हिस्सा बंद होगा, जाने वजह 

बीकानेर। दो दशक पूर्व केईएम रोड से फड़बाजार की ओर जाने के लिए सिर्फ 4 फीट का रास्ता था। तत्कालीन यूआईटी प्रशासन ने यहां एक बुक सेंटर समेत कुछ दुकानें अवाप्त कीं। सड़क को चौड़ा कर फड़बाजार के लिए रास्ता बनाया। उस समय एक मामला न्यायालय में चल रहा था। न्यायालय ने उस सड़क को बंद कर संब​धित भू स्वामी को कब्जा दिलाने के लिए मौका सेल अमीन नियुक्त कर दिया। यूआईटी ने जगह को अवाप्त किया था उस वक्त 2.3 फीट चौड़ी और 14 फीट लंबी चौकी की जगह को हलके में लेकर छोड़ दिया। वही छोटी सी चूक आज बड़ी समस्या के रूप में सामने है।

सांखला फाटक से सीधे केईएम रोड चौराहे के सामने से फड़बाजार जाने के लिए सिर्फ 4 फीट चौड़ा रास्ता था। सिर्फ एक मोटर साइकिल ही जा सकती थी। यूआईटी ने 1980 से 1982 के आसपास यहां कुछ दुकानों को अवाप्त किया था। जो हिस्सा अवाप्त किया था वो केईएम रोड से फड़बाजार की ओर मुड़ने पर बाई साइड वाला हिस्सा है। यूआईटी ने यहां अवाप्त की गई दुकानों के बदले कुछ दुकानें डीआरएम आफिस के सामने आवंटित की। कुछ मरुधर नगर में भूखंड आवंटित किए। यूआईटी से चूक रह गई कि एक 2.3 फीट चौड़ी और 14 फीट लंबी चौकी को अवाप्ति हिस्से में शामिल नहीं किया और सड़क चौड़ी कर दी।

इसको लेकर भू-स्वामी दुर्गाशंकर पुत्र चंपालाल ने न्यायालय में शरण ली। न्यायालय ने फैसला दुर्गाशंकर के पक्ष में सुनाते हुए यूआईटी को कब्जा ​देने के लिए कहा। यूआईटी ने नहीं सुनी तो हाईकोर्ट में इजराय लगा दी। हाईकोर्ट से इजराय की पालना कराने के आदेश ​हुए। इस आधार पर सेल अमीन नियुक्त किया गया और अब प्रशासन से पुलिस जाब्ता उपलब्ध कराने के लिए कहा ताकि सड़क बंद कर कब्जा दिलाया जाए।

BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: