दो महीने पहले नहर में मिले बच्चे के शव के मामले में अब नया मोड़ सामने आया, परिजनों ने जताया हत्या का शक
दो महीने पहले नहर में मिले बच्चे के शव के मामले में अब नया मोड़ सामने आया, परिजनों ने जताया हत्या का शक
लूणकरणसर। लूणकरणसर थाना क्षेत्र में करीब दो महीने पहले नहर में मिले बच्चे के शव के मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। स्वरूपदेसर निवासी मांगीलाल सोलंकी ने न्यायालय में इस्तगासा पेश कर अपनी पत्नी सावरी, मंगतूराम उर्फ मांगीलाल और अन्य अज्ञात लोगों पर बेटे रामकिशन की मौत में संलिप्तता की आशंका जताई है। न्यायालय से प्राप्त इस्तगासे के आधार पर लूणकरणसर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।परिवादी के अनुसार उसकी पत्नी सावरी अगस्त 2021 में उसके तीन नाबालिग बच्चों रामकिशन, रामनिवास और महेश को अपने साथ बामनवाली ले गई थी। आरोप है कि वहां सावरी मंगतूराम उर्फ मांगीलाल के साथ रह रही थी। परिवादी ने बच्चों से खेती-बाड़ी और पशुपालन का काम करवाने तथा वापस पिता या दादा के पास जाने की इच्छा जताने पर कथित रूप से मारपीट करने के आरोप लगाए हैं।रिपोर्ट के अनुसार रामकिशन किशनासर गांव में एक कुएं पर मजदूरी के लिए गया था। करीब 13 जुलाई 2026 से एक-दो दिन पहले वह काम छोडक़र बामनवाली वापस आया था। परिवादी का कहना है कि रामकिशन और उसके भाई पिता व दादा के पास स्वरूपदेसर जाने की बात कर रहे थे। इसी दौरान रामकिशन के साथ कथित मारपीट की जानकारी मिलने का दावा किया गया है।
इसके अगले दिन रामकिशन का शव नहर में मिला था। उस समय मंगतूराम उर्फ मांगीलाल की ओर से नहर में डूबने की मर्ग दर्ज करवाई गई थी। अब न्यायालय में पेश इस्तगासे में पिता ने बेटे की मौत को लेकर संदेह जताया है। उन्होंने आशंका जताई कि रामकिशन को नहर में डुबोया गया हो सकता है या कथित मारपीट और प्रताडऩा से परेशान होकर उसने नहर में छलांग लगाई हो सकती है। इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
दो अन्य बच्चों को लेकर भी जताई चिंता
परिवादी ने अपने दो अन्य पुत्रों रामनिवास और महेश की सुरक्षा को लेकर भी आशंका जताई है। आरोप है कि दोनों बच्चों को अपने पास रोककर खेतों में मजदूरी और पशुपालन का काम करवाया जा रहा है। परिवादी ने दोनों बच्चों को अपने साथ रखने की मांग की है।
शिकायत करने पर धमकी देने का आरोप
रिपोर्ट में परिवादी ने शिकायत करने पर उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी मिलने का भी आरोप लगाया है। उसका कहना है कि इसी डर के कारण मामला दर्ज करवाने में देरी हुई।
थाने और एसपी को शिकायत के बाद कोर्ट पहुंचा
मांगीलाल के अनुसार उसने 13 अगस्त को लूणकरणसर थाने में लिखित शिकायत दी थी। इसके बाद 14 अगस्त को पुलिस अधीक्षक बीकानेर को शिकायत देने और रजिस्टर्ड डाक से भेजने का दावा किया गया। 20 अगस्त को भी एसपी के समक्ष शिकायत पेश करने के बाद एफआईआर दर्ज नहीं होने पर उसने एसीजेएम लूणकरणसर न्यायालय में इस्तगासा पेश किया।न्यायालय के इस्तगासे के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस रामकिशन की मौत की परिस्थितियों, लगाए गए आरोपों, घटनाक्रम और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। आरोपों की वास्तविकता पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
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