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उत्तराखंड के बाद अब इस राज्य में यूसीसी की तैयारी, समिति ने सीएम को रिपोर्ट सौंपी, इस तारीख को सदन में पेश हो सकता है विधेयक

rk
2 months ago
उत्तराखंड के बाद अब इस राज्य में यूसीसी की तैयारी, समिति ने सीएम को रिपोर्ट सौंपी, इस तारीख को सदन में पेश हो सकता है विधेयक

उत्तराखंड के बाद अब इस राज्य में यूसीसी की तैयारी, समिति ने सीएम को रिपोर्ट सौंपी, इस तारीख को सदन में पेश हो सकता है विधेयक

गांधीनगर। उत्तराखंड के बाद अब गुजरात में भी जल्द यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी समान नागरिक संहिता (UCC) लागू हो सकता है। यूसीसी के लिए गठित समिति ने मंगलवार को मुख्यमंत्री को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप दी है। समिति ने विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत अध्ययन के बाद इसने अंतिम सिफारिशों सहित अपनी रिपोर्ट पेश की है।

गुजरात सरकार आज शाम को इस रिपोर्ट पर मंत्रियों और अधिकारियों के साथ चर्चा करेगी। यूसीसी से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा मौजूदा विधानसभा सत्र में ही की जाएगी।

रिपोर्ट 23 मार्च को सदन में रखी जा सकती है, जबकि 24 मार्च को बिल पेश किए जाने की संभावना है, जो इस बजट सत्र का अंतिम दिन भी है।

अगर यह बिल पास हो जाता है, उत्तराखंड के बाद यूसीसी लागू करने वाला गुजरात देश का दूसरा राज्य बन जाएगा।

महिलाओं के समान अधिकारों को प्राथमिकता

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने X पर लिखा- गुजरात में समान नागरिक संहिता (UCC) के क्रियान्वयन के लिए सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय समिति ने अपनी विस्तृत और अंतिम रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है।

रिपोर्ट में विवाह, तलाक, संपत्ति में उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे मुद्दों पर सभी धर्मों और समुदायों के लिए समान कानूनी ढांचा लागू करने का सुझाव दिया गया है।
खास तौर पर महिलाओं के समान अधिकार और उनकी सुरक्षा को इस ड्राफ्ट में प्राथमिकता दी गई है।
साथ ही, रिपोर्ट तैयार करते समय गुजरात की भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधता का भी विशेष ध्यान रखा गया है।

सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज हैं रंजना प्रकाश देसाई

पांच सदस्यीय इस समिति का गठन 4 फरवरी 2025 को किया गया था, जिसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना देसाई कर रही हैं। जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज हैं।

वे 13 सितम्बर 2011 से 29 अक्टूबर 2014 तक सर्वोच्च न्यायालय में जज रहीं। जस्टिस रंजना देसाई जम्मू-कश्मीर पर परिसीमन आयोग की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। देसाई सुप्रीम कोर्ट में आने से पहले बॉम्बे हाईकोर्ट की जज भी रह चुकी हैं।

Sanskar
BC

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