Khulasa Online
Breaking
• बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bansal Group
Bharti

वायुसेना का AN-32 विमान लैंडिंग के दौरान क्रैश, पायलट की मौत की आशंका

rk
8 hours ago
वायुसेना का AN-32 विमान लैंडिंग के दौरान क्रैश, पायलट की मौत की आशंका

वायुसेना का AN-32 विमान लैंडिंग के दौरान क्रैश, पायलट की मौत की आशंका

नई दिल्ली/जोरहाट। असम के जोरहाट स्थित रौरिया एयरबेस पर शनिवार सुबह भारतीय वायुसेना का एक AN-32 मालवाहक विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा उस समय हुआ जब विमान एयरबेस पर उतरने का प्रयास कर रहा था। दुर्घटना के बाद विमान में भीषण आग लग गई और वह दो हिस्सों में टूट गया। भारतीय वायुसेना ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा है कि विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।  प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे में पायलट के जान गंवाने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी हताहतों की संख्या की पुष्टि नहीं की गई है।

सेना के लिए बेहद महत्वपूर्ण है AN-32
Antonov An-32 भारतीय वायुसेना का प्रमुख सामरिक परिवहन विमान है, जिसका उपयोग सैनिकों, हथियारों और जरूरी सैन्य सामग्री की ढुलाई के लिए किया जाता है। यह विमान विशेष रूप से पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में संचालन के लिए जाना जाता है। 

भारतीय वायुसेना ने सोवियत मूल के 125 AN-32 विमान खरीदे थे, जिनमें से लगभग 100 विमान अब भी सेवा में हैं। वर्ष 1980 के दशक से यह विमान वायुसेना की मीडियम-लिफ्ट ट्रांसपोर्ट क्षमता की रीढ़ माना जाता है। गर्म मौसम और हिमालयी क्षेत्रों में इसकी बेहतर प्रदर्शन क्षमता के कारण यह सेना के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा है। 

जांच के बाद सामने आएंगे हादसे के कारण
वायुसेना की ओर से दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू किए जाने की संभावना है। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुआ, लेकिन तकनीकी खराबी, मौसम या अन्य कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

Sanskar
BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: