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महाराजा गंगा सिंह यूनिवर्सिट हंगामा के मामले में इन सभी को आरोपों से किया बरी

6 months ago
महाराजा गंगा सिंह यूनिवर्सिट हंगामा के मामले में इन सभी को आरोपों से किया बरी

महाराजा गंगा सिंह यूनिवर्सिट हंगामा के मामले में इन सभी को आरोपों से किया बरी
बीकानेर। महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय में वर्ष 2019 में हुए हंगामा और सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट चन्द्रशेखर पारीक ने दिनेश ओझा, सीमा राजपुरोहित, जयवीर सिंह और शुभम विजयवर्गीय को सभी आरोपों से बरी कर दिया।
यह मामला पुलिस थाना नाल में दर्ज एफआईआर से जुड़ा था। आरोप था कि 23 जुलाई 2019 को कुछ लोग विश्वविद्यालय के सहायक कुलसचिव प्रकाश सारण के कक्ष में जबरन घुस आए, दरवाजा तोड़ा, गाली-गलौच की, फाइलें फाड़ीं, पानी का जग उलट दिया और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई। साथ ही जान से मारने व टांगें तोडऩे की धमकी देने तथा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप भी लगाए गए थे।
लेकिन मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाह पेश किए, लेकिन मुख्य परिवादी प्रकाश सारण सहित अधिकांश गवाहों ने आरोपितों की स्पष्ट पहचान नहीं की। कई गवाहों ने माना कि उन्होंने कोई मारपीट या धक्का-मुक्की होते नहीं देखी। स्वयं परिवादी ने भी कोर्ट में कहा कि वह आरोपितों को व्यक्तिगत रूप से पहचान नहीं सकता।
कोर्ट का फैसला
कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में पूरी तरह असफल रहा है। न तो अवैध रोक, न हमला, न आपराधिक बल प्रयोग, न धमकी और न ही सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के ठोस सबूत सामने आए। इसलिए कोर्ट ने चारों आरोपितों को सभी आरोपों से बरी किया। आरोपितों की ओर से पैरवी अधिवक्ता रविराज सिंह राजपुरोहित और जितेंद्र सिंह ने की।

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