Khulasa Online
Breaking
• बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bansal Group
Bharti

विमानन उद्योग पर संकट : एटीएफ की आसमान छूती कीमतों पर एयरलाइंस ने सरकार से मांगी राहत, उड़ानें ठप होने की चेतावनी

rk
1 month ago
विमानन उद्योग पर संकट : एटीएफ की आसमान छूती कीमतों पर एयरलाइंस ने सरकार से मांगी राहत, उड़ानें ठप होने की चेतावनी

विमानन उद्योग पर संकट : एटीएफ की आसमान छूती कीमतों पर एयरलाइंस ने सरकार से मांगी राहत, उड़ानें ठप होने की चेतावनी

भारत का विमानन उद्योग इस समय ईंधन की ऊंची कीमतों और भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण ‘अत्यधिक दबाव’ के दौर से गुजर रहा है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने एयरलाइंस के लिए बड़ा आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए देश की प्रमुख एयरलाइंस के संगठन 'फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस' (FIA) ने सरकार से विमानन ईंधन (ATF) की कीमतों और करों में तत्काल राहत देने की मांग की है। संगठन ने स्पष्ट रूप से चेताया है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो उड़ान संचालन के ठप होने की स्थिति बन सकती है। 

परिचालन लागत और एटीएफ का बढ़ता बोझ
किसी भी विमानन कंपनी के कुल परिचालन खर्च में एटीएफ की हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत होती है। ऐसे में ईंधन के दाम में थोड़ा भी बदलाव सीधे कंपनियों के बही-खातों पर असर डालता है। एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट की भागीदारी वाले संगठन FIA ने 26 अप्रैल को नागर विमानन मंत्रालय को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में एयरलाइंस ने अपनी प्रमुख चिंताएं और मांगें रखी हैं:
विज्ञापन

उत्पाद शुल्क में छूट: ईंधन की महंगी कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट के कारण लागत में भारी इजाफा हुआ है। इसे देखते हुए एयरलाइंस ने एटीएफ पर लगने वाले 11 प्रतिशत उत्पाद शुल्क को अस्थायी रूप से टालने की मांग की है।
समान मूल्य निर्धारण: संगठन ने सरकार से अपील की है कि वह तदर्थ  मूल्य निर्धारण से बचे और घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए समान मूल्य निर्धारण व्यवस्था को बहाल करे।
हवाई क्षेत्र की पाबंदियों का प्रभाव:पश्चिम एशिया के तनाव के कारण कई हवाई क्षेत्रों में पाबंदियां लगा दी गई हैं, जिससे उड़ानों के रास्ते लंबे हो गए हैं और इसके परिणामस्वरूप परिचालन लागत और ज्यादा बढ़ गई है।
घरेलू बनाम अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का असंतुलन
वर्तमान में एयरलाइंस के लिए एक बड़ी समस्या मूल्य निर्धारण में भारी असंतुलन का होना है। FIA के आंकड़ों के अनुसार, पिछले महीने सरकार ने घरेलू उड़ानों के लिए एटीएफ कीमतों में बढ़ोतरी को 15 रुपये प्रति लीटर तक सीमित कर दिया था। इसके विपरीत, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन के लिए एटीएफ की कीमतों में सीधे 73 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि कर दी गई। 

इस अत्यधिक वृद्धि ने भारत से होने वाली वैश्विक उड़ानों पर गंभीर आर्थिक असर डाला है, जिसके कारण अप्रैल के महीने में कंपनियों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। एफआईए के मुताबिक, कीमतों के इस भारी अंतर ने पूरे नेटवर्क को अव्यावहारिक और अस्थिर बना दिया है। 

आगे की राह
फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस ने मंत्रालय को आगाह किया है कि एटीएफ कीमतों में इस तरह की अनुचित वृद्धि से एयरलाइंस को भारी नुकसान होगा और विमानों को जमीन पर खड़ा करने की नौबत आ सकती है। यदि मूल्य निर्धारण का मौजूदा ढांचा इसी तरह जारी रहा, तो घरेलू और अंतरराष्ट्रीय, दोनों तरह की उड़ानों का संचालन असंभव हो जाएगा और पूरा विमानन उद्योग एक गहरे संकट में फंस जाएगा। अब यह देखना अहम होगा कि सरकार इस महत्वपूर्ण क्षेत्र को उबारने के लिए क्या नीतिगत कदम उठाती है।

Sanskar
BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: