शिक्षकों की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग, निदेशालय पर विशाल प्रांतीय धरना
खुलासा न्यूज,बीकानेर। अखिल भारतीय प्रारम्भिक शिक्षक महासंघ, राजस्थान इकाई के आह्वान पर आज निदेशालय परिसर में शिक्षा विभाग में कार्यरत संविदा एवं नियमित शिक्षकों की वर्षों से लंबित न्यायोचित मांगों के समर्थन में विशाल प्रांतीय धरना आयोजित किया गया। धरने को विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों एवं शिक्षक नेताओं ने संबोधित करते हुए सरकार से शिक्षकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की।
धरने को संबोधित करते आखिल भारतीय प्रारंभिक शिक्षक महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राममूर्ति स्वामी ने कहा कि शिक्षा विभाग में कार्यरत हजारों संविदा शिक्षक वर्षों से निरंतर सेवाएं देने के बावजूद आज भी सेवा सुरक्षा, नियमितीकरण एवं सम्मानजनक सेवा शर्तों से वंचित हैं। शिक्षक नेता व प्रदेशाध्यक्ष के.आर.सियाग ने कहा कम वेतन, अनिश्चित भविष्य तथा नियमितीकरण में हो रहे अत्यधिक विलंब ने संविदा शिक्षकों को आर्थिक शोषण एवं मानसिक असुरक्षा की स्थिति में पहुंचा दिया है।
आयफेटो के प्रदेशाध्यक्ष गोरधनराम बांगड़वा ने कहा कि राजस्थान कॉन्ट्रैक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट्स रूल्स, 2022 लागू होने के वर्षों बाद भी शिक्षा विभाग में कार्यरत पात्र संविदा कार्मिकों के नियमितीकरण की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। संयोजक जगदीश प्रसाद ढाका ने कहा विभाग स्तर से शीघ्र स्क्रीनिंग की प्रक्रिया प्रारम्भ कर नियमितीकरण एवं सेवा सुरक्षा संबंधी प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजे जाने चाहिए।
वरिष्ठ कर्मचारी नेता शिवशंकर गोदारा ने आर्थिक शोषण के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया,उन्होंने कहा कि सरकारें संख्याबल को देखती है और अपने हक के लिए एकजुट होकर संघर्ष करना पड़ेगा।
धरने के उपरांत महासंघ के सैकड़ों कर्मचारियों निदेशालय परिसर में प्रदर्शन कर नारेबाजी करते हुए ज्ञापन दिया। प्रतिनिधिमंडल ने निदेशक, प्रारम्भिक एवं माध्यमिक शिक्षा, बीकानेर को विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधि मंडल में शिक्षक नेता के. आर.सियाग, प्रदेश प्रभारी व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राममूर्ति स्वामी, संयोजक जगदीश ढाका, शिक्षक नेता शिवशंकर गोदारा,प्रदेशाध्यक्ष गोरधन जी बांगड़वा, पंचायत शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष राकेश गहलोत, प्रधानाचार्य शिवरतन चाहर शामिल थे।ज्ञापन में संविदा कार्मिकों के नियमितीकरण एवं सेवा सुरक्षा के साथ-साथ नियमित शिक्षकों की वर्षों से लंबित समस्याओं का भी शीघ्र समाधान करने की मांग की गई।
ज्ञापन में संविदा शिक्षकों के नियमितीकरण की मुख्य मांग के साथ शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता को भूतलक्षी प्रभाव से लागू नहीं करने, तृतीय श्रेणी शिक्षकों की लंबित पदोन्नतियां शीघ्र सम्पन्न कराने, पे-प्रोटेक्शन संबंधी विसंगतियों का निराकरण कर वेतन वसूली पर रोक लगाने, क्रत्र॥स् की व्यावहारिक समस्याओं के समाधान में शिक्षक संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित करने तथा पूर्व-प्राथमिक शिक्षकों को उनके कार्य के अनुरूप युक्तिसंगत वेतन एवं सेवा लाभ प्रदान करने की मांग की गई।
धरने को संबोधित करते हुए शिक्षक नेता शिवशंकर गोदारा ने कहा कि शिक्षक सम्मान, सेवा सुरक्षा और न्यायपूर्ण वेतन व्यवस्था के बिना गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था का निर्माण संभव नहीं है। यदि सरकार एवं शिक्षा विभाग ने इन न्यायोचित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो महासंघ लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप व्यापक आंदोलनात्मक कार्यक्रम प्रारम्भ करेगा।
धरने में प्रमुख रूप से शिक्षक नेता व प्रदेशाध्यक्ष के.आर. सियाग,वरिष्ठ शिक्षक नेता जगदीश ढाका, संघ के प्रदेशाध्यक्ष श्रवण राम धुंधवाल, पदाधिकारी भरत भूषण मीणा, शिक्षक नेता शिवशंकर, शिक्षक नेता सुभाष आचार्य,शिक्षा कर्मी संघ से चेतन राम,जैसलमेर जिला अध्यक्ष ज्ञानसिंह,सावित्री खत्री,आयफेटो कोषाध्यक्ष ऋषि कुमार,संभाग प्रभारी शीशपाल सिंह आर्य सहित राज्य के सभी जिलों से सैकड़ों शिक्षक व संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए।
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