जयपुर की वॉल सिटी पर हाईकोर्ट की चिंता, कहा- समय रहते नहीं चेते तो खतरे में पड़ सकता है हेरिटेज दर्जा
जयपुर की वॉल सिटी पर हाईकोर्ट की चिंता, कहा- समय रहते नहीं चेते तो खतरे में पड़ सकता है हेरिटेज दर्जा
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर की ऐतिहासिक वॉल सिटी (चारदीवारी) के यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज दर्जे को लेकर गंभीर चिंता जताई है। जस्टिस प्रमिल कुमार माथुर ने मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर मामले में स्वप्रेरित प्रसंज्ञान लेते हुए इसे जनहित याचिका के रूप में दर्ज करने के लिए मुख्य न्यायाधीश के समक्ष भेजने के निर्देश दिए। अदालत ने टिप्पणी की कि दुनिया में कुछ वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स का दर्जा वापस लिया जा चुका है और यदि समय रहते संरक्षण के प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो जयपुर भी जोखिम में आ सकता है। कोर्ट ने यूनेस्को की ओर से 2023 और 2025 में जयपुर की चारदीवारी में ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण और नियमों के पालन को लेकर जताई गई चिंताओं का भी उल्लेख किया।
अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर चिंता
कोर्ट ने कहा कि वॉल सिटी के कोर और बफर जोन में अवैध निर्माण, अनधिकृत बदलाव और अतिक्रमण से ऐतिहासिक विरासत को खतरा पैदा हो रहा है। हेरिटेज संरक्षण एवं सुरक्षा से जुड़े नियमों की पालना किए बिना ऐतिहासिक इमारतों में बदलाव और तोड़फोड़ के मामलों पर भी अदालत ने चिंता जताई। अदालत ने नगर निगम और जेडीए की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए विभागों के बीच समन्वय की कमी को लेकर भी टिप्पणी की। कोर्ट के अनुसार पारंपरिक हवेलियों और महलों की जगह ऐसे नए निर्माण हो रहे हैं, जो आसपास की ऐतिहासिक वास्तुकला से मेल नहीं खाते।
जेडीए और नगर निगम से दो सप्ताह में सर्वे रिपोर्ट
हाईकोर्ट ने जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) और नगर निगम को वॉल सिटी में अवैध निर्माण और अतिक्रमण का सर्वे कर दो सप्ताह में रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा मुख्य सचिव, यूडीएच विभाग, स्वायत्त शासन विभाग, पुरातत्व विभाग, पर्यटन विभाग, देवस्थान विभाग सहित संबंधित अधिकारियों से चार सप्ताह में 11 बिंदुओं पर शपथ पत्र मांगा गया है। अदालत ने मामले में न्यायमित्र के तौर पर एडवोकेट संदीप पाठक, एडवोकेट युवराज सामंत, एडवोकेट मधुसूदन सिंह राजपुरोहित और एडवोकेट अनिरुद्ध माथुर को नियुक्त किया है। जयपुर की वॉल सिटी के संरक्षण को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट पहले भी अवैध निर्माण और हेरिटेज नियमों के उल्लंघन पर निर्देश जारी कर चुका है।
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