Khulasa Online
Breaking
• आज का राशिफल: मेष से लेकर मीन तक, जानें अपना आज का भविष्यफल • भाजपा ने सांसदों के लिए जारी किया व्हिप, 16-18 अप्रैल तक रहना होगा संसद में मौजूद; महिला आरक्षण के लिए विशेष सत्र; पीएम ने पत्र लिखा • नई सरकार को लेकर हलचल तेज : भाजपा ने शिवराज चौहान को बनाया पर्यवेक्षक; सभी विधायकों को यहां बुलाया • आशा ताई के अंतिम दर्शन को पहुंचे सेलेब्स, कल शाम 4 बजे होगा अंतिम संस्कार • होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की नाकाबंदी करेगा अमेरिका, कहा- ईरान को टोल दिया तो रास्ता नहीं मिलेगा; ईरान बोला- टोल देना ही पड़ेगा • आज का राशिफल: मेष से लेकर मीन तक, जानें अपना आज का भविष्यफल • भाजपा ने सांसदों के लिए जारी किया व्हिप, 16-18 अप्रैल तक रहना होगा संसद में मौजूद; महिला आरक्षण के लिए विशेष सत्र; पीएम ने पत्र लिखा • नई सरकार को लेकर हलचल तेज : भाजपा ने शिवराज चौहान को बनाया पर्यवेक्षक; सभी विधायकों को यहां बुलाया • आशा ताई के अंतिम दर्शन को पहुंचे सेलेब्स, कल शाम 4 बजे होगा अंतिम संस्कार • होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की नाकाबंदी करेगा अमेरिका, कहा- ईरान को टोल दिया तो रास्ता नहीं मिलेगा; ईरान बोला- टोल देना ही पड़ेगा
Arham School
sukhajan
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bansal Group
Bharti
mali sani samaj

अब इस देश से एलपीजी खरीदने की तैयारी में भारतीय कंपनियां, खाड़ी देशों पर निर्भरता कम करने की प्लानिंग

rk
2 weeks ago
अब इस देश से एलपीजी खरीदने की तैयारी में भारतीय कंपनियां, खाड़ी देशों पर निर्भरता कम करने की प्लानिंग

अब इस देश से एलपीजी खरीदने की तैयारी में भारतीय कंपनियां, खाड़ी देशों पर निर्भरता कम करने की प्लानिंग

नई दिल्ली। ईरान जंग की वजह से भारत में आई गैस की कमी से निपटने के लिए सरकारी तेल और गैस कंपनियां अब नए देशों से रसोई गैस (LPG) खरीदने का ऑप्शन तलाश रही है।

इसी वजह से इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और गेल जैसी कंपनियां अफ्रीकी देश अंगोला की सरकारी कंपनी सोनानगोल से LPG खरीदने पर बातचीत कर रही हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये कंपनियां सोनानगोल के साथ लंबे समय का समझौता करने पर विचार कर रही हैं। हालांकि, बातचीत अभी शुरुआती दौर में है और सरकार स्तर पर भी चर्चा चल रही है।

दरअसल, भारत की 92% LPG खाड़ी देशों से आती है। भारत सरकार इस निर्भरता घटाना चाहती है। ऐसे में अगर अंगोला से करार हो जाता है तो जहाज अटलांटिक और अरब सागर से होते हुए सीधे भारत पहुंचेंगे। उन्हें होर्मुज स्ट्रेट से नहीं गुजरना होगा।

अंगोला से LPG क्यों खरीद रहा भारत?

भारत और अंगोला के बीच पहले से तेल और गैस का व्यापार होता रहा है, इसलिए दोनों देशों के बीच भरोसा और सप्लाई सिस्टम पहले से बना हुआ है। इसी वजह से नई डील करना आसान हो जाता है।

अंगोला में गैस उत्पादन होता है और वहां LPG के लिए जरूरी प्रोपेन और ब्यूटेन भी मिलते हैं, जिससे भारत को सीधे गैस मिल सकती है।

सप्लाई के लिहाज से भी अंगोला सही विकल्प है, क्योंकि समुद्र के रास्ते गैस 12 से 18 दिन में भारत पहुंच सकती है और वहां एक्सपोर्ट की अच्छी सुविधा भी मौजूद है। अंगोला में एनर्जी सेक्टर सरकार के कंट्रोल में है, जिससे सरकारी स्तर पर समझौता करना आसान होता है।

BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: