Khulasa Online
TM Jewellers
Breaking
• बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश

ईरान ने यूएई, सऊदी, जॉर्डन में अमेरिकी THAAD डिफेंस-सिस्टम को बनाया निशाना, जॉर्डन वाला सिस्टम तबाह, कीमत 22 हजार करोड़

rk
3 months ago
ईरान ने यूएई, सऊदी, जॉर्डन में अमेरिकी THAAD डिफेंस-सिस्टम को बनाया निशाना, जॉर्डन वाला सिस्टम तबाह, कीमत 22 हजार करोड़

ईरान ने यूएई, सऊदी, जॉर्डन में अमेरिकी THAAD डिफेंस-सिस्टम को बनाया निशाना, जॉर्डन वाला सिस्टम तबाह, कीमत 22 हजार करोड़

तेल अवीव/तेहरान। अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज आठवां दिन है। ईरान ने बीते एक हफ्ते में सऊदी अरब, UAE और जॉर्डन में तैनात अमेरिका के टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (THAAD) सिस्टम को निशाना बनाया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन हमलों में जॉर्डन के ‘मुवफ्फाक साल्टी एयर बेस’ पर लगे THAAD का रडार सिस्टम तबाह हो गया है। एक THAAD सिस्टम की कीमत ₹22 हजार करोड़ तक होती है, जबकि THAAD के रडार सिस्टम की कीमत 2700 करोड़ रुपए (300 मिलियन डॉलर) तक होती है।

यह रडार THAAD सिस्टम का अहम हिस्सा होता है और दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइलों को पहचानने और ट्रैक करने का काम करता है। अमेरिका के पास सिर्फ 7-8 THAAD सिस्टम ही मौजूद हैं, इसलिए इसे बड़ा सैन्य नुकसान माना जा रहा है।

ईरान का युद्धपोत भारत में रुका

ईरान का एक युद्धपोत IRIS लावन भारत के कोच्चि बंदरगाह पर रुका हुआ है। ANI ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया कि ईरान ने 28 फरवरी को तकनीकी खराबी आने के बाद भारत से मदद मांगी थी।

भारत ने 1 मार्च को जहाज को कोच्चि में डॉक करने की अनुमति दी और इसके बाद 4 मार्च को यह बंदरगाह पर पहुंच गया। जहाज के 183 क्रू मेंबर फिलहाल कोच्चि में भारतीय नौसेना की सुविधाओं में ठहरे हुए हैं।

IRIS लावन हाल ही में भारत में आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR) 2026 और मिलान 2026 नौसैनिक अभ्यास में शामिल हुआ था, जो 15 से 25 फरवरी के बीच आयोजित हुए थे।

इससे पहले अमेरिका ने भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत IRIS देना को श्रीलंका के पास हमला कर डुबा दिया था। हमले में 87 ईरानी नौसैनिक मारे गए।

Sanskar
BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: