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मोदी को इजराइली संसद का सर्वोच्च सम्मान, नेसेट में संबोधन, आतंकवाद पर कड़ा संदेश

rk
3 months ago
मोदी को इजराइली संसद का सर्वोच्च सम्मान, नेसेट में संबोधन, आतंकवाद पर कड़ा संदेश

मोदी को इजराइली संसद का सर्वोच्च सम्मान, नेसेट में संबोधन, आतंकवाद पर कड़ा संदेश

यरुशलम। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को दो दिवसीय इजराइल दौरे पर पहुंचे। एयरपोर्ट पर उनका स्वागत इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा नेतन्याहू ने किया। इसके बाद पीएम मोदी ने इजराइली संसद नेसेट को संबोधित किया। इस दौरान उन्हें संसद का सर्वोच्च सम्मान ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ प्रदान किया गया।

नेसेट को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने इजराइल पर हमास के हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा “हम आपके दर्द को समझते हैं। भारत लंबे समय से आतंकवाद से पीड़ित रहा है। भारत इजराइल के साथ खड़ा है।”

वहीं नेतन्याहू ने अपने संबोधन में कहा: “मोदी मेरे भाई जैसे हैं। मेरे दिल में उनके लिए खास जगह है।” उन्होंने मोदी को एशिया का शेर और विश्व का सम्मानित नेता बताया। प्रधानमंत्री मोदी नेसेट को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। संसद पहुंचने पर सांसदों ने खड़े होकर उनका स्वागत किया और “मोदी-मोदी” के नारे लगाए।

मोदी के संबोधन की 8 बड़ी बातें

प्राचीन सभ्यताओं का संवाद – इजराइली संसद में बोलना सम्मान की बात है। मैं एक प्राचीन सभ्यता भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए दूसरी प्राचीन सभ्यता को संबोधित कर रहा हूं।

140 करोड़ भारतीयों का संदेश – भारत की जनता की ओर से शुभकामनाएं, मित्रता और मजबूत साझेदारी का संदेश लेकर आया हूं।

भारत में यहूदी समुदाय सुरक्षित – भारत में यहूदी समुदाय ने बिना किसी डर या भेदभाव के अपनी आस्था और पहचान सुरक्षित रखी।

2 हजार साल पुराने रिश्ते – भारत-इजराइल संबंध हजारों साल पुराने हैं; प्राचीन ग्रंथों में भी इनका उल्लेख मिलता है।

प्रथम विश्व युद्ध में बलिदान – इस क्षेत्र में 4 हजार से अधिक भारतीय सैनिकों ने प्रथम विश्व युद्ध में बलिदान दिया था।

आतंकवाद कभी स्वीकार्य नहीं – किसी भी कारण से निर्दोषों की हत्या को सही नहीं ठहराया जा सकता। आतंकवाद कभी जायज नहीं है।

गाजा शांति पहल का समर्थन – संयुक्त राष्ट्र समर्थित गाजा शांति पहल का समर्थन, क्षेत्र में स्थायी और न्यायपूर्ण शांति की उम्मीद।

शांति और स्थिरता पर जोर – भारत संवाद, शांति और स्थिरता के लिए इजराइल के साथ खड़ा है।

यह दौरा भारत-इजराइल संबंधों को रणनीतिक, सुरक्षा और कूटनीतिक स्तर पर नई मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Sanskar
BC

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