Khulasa Online
Breaking
• आज का राशिफल: मेष से लेकर मीन तक, जानें अपना आज का भविष्यफल • भाजपा ने सांसदों के लिए जारी किया व्हिप, 16-18 अप्रैल तक रहना होगा संसद में मौजूद; महिला आरक्षण के लिए विशेष सत्र; पीएम ने पत्र लिखा • नई सरकार को लेकर हलचल तेज : भाजपा ने शिवराज चौहान को बनाया पर्यवेक्षक; सभी विधायकों को यहां बुलाया • आशा ताई के अंतिम दर्शन को पहुंचे सेलेब्स, कल शाम 4 बजे होगा अंतिम संस्कार • होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की नाकाबंदी करेगा अमेरिका, कहा- ईरान को टोल दिया तो रास्ता नहीं मिलेगा; ईरान बोला- टोल देना ही पड़ेगा • आज का राशिफल: मेष से लेकर मीन तक, जानें अपना आज का भविष्यफल • भाजपा ने सांसदों के लिए जारी किया व्हिप, 16-18 अप्रैल तक रहना होगा संसद में मौजूद; महिला आरक्षण के लिए विशेष सत्र; पीएम ने पत्र लिखा • नई सरकार को लेकर हलचल तेज : भाजपा ने शिवराज चौहान को बनाया पर्यवेक्षक; सभी विधायकों को यहां बुलाया • आशा ताई के अंतिम दर्शन को पहुंचे सेलेब्स, कल शाम 4 बजे होगा अंतिम संस्कार • होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की नाकाबंदी करेगा अमेरिका, कहा- ईरान को टोल दिया तो रास्ता नहीं मिलेगा; ईरान बोला- टोल देना ही पड़ेगा
Arham School
sukhajan
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bansal Group
Bharti
mali sani samaj

नासा का आर्टेमिस II मिशन सफल, चंचंद्रमा का चक्कर लगाकर अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित लौटे

rk
3 days ago
नासा का आर्टेमिस II मिशन सफल, चंचंद्रमा का चक्कर लगाकर अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित लौटे

नासा का आर्टेमिस II मिशन सफल, चंचंद्रमा का चक्कर लगाकर अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित लौटे

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA का Artemis II मिशन सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। इस मिशन के चार अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के करीब पहुंचकर सुरक्षित पृथ्वी पर लौट आए। आज 11 अप्रैल को सुबह 5:37 बजे (IST) उनका Orion spacecraft अमेरिका के सैन डिएगो तट के पास प्रशांत महासागर में सफलतापूर्वक स्प्लैशडाउन हुआ।

यह मिशन 2 अप्रैल को लॉन्च किया गया था और 1972 के बाद पहली बार इंसान चंद्रमा के इतने करीब पहुंचा है। 6 अप्रैल को अंतरिक्ष यात्रियों ने पृथ्वी से सबसे अधिक दूरी तय करने का नया रिकॉर्ड भी बनाया। इस दौरान उन्होंने चंद्रमा के अंधेरे हिस्से की शानदार तस्वीरें भी लीं।

इस मिशन का मुख्य उद्देश्य अंतरिक्ष यान के लाइफ सपोर्ट सिस्टम की जांच करना था, ताकि भविष्य में इंसानों को चंद्रमा पर भेजने और बसाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सके।

री-एंट्री के दौरान अहम पल:

5:03 AM: सर्विस मॉड्यूल से अलग होने के बाद हीट शील्ड सक्रिय हुई। घर्षण के कारण तापमान करीब 3000°F तक पहुंच गया, जिससे 6 मिनट का कम्युनिकेशन ब्लैकआउट हुआ।
5:23 AM: करीब 22,000 फीट की ऊंचाई पर ड्रोग पैराशूट खुले, जिससे यान की गति कम हुई।
5:34 AM: 6,000 फीट पर मुख्य पैराशूट खुलने से रफ्तार और घट गई।
5:37 AM: यान की गति 51 किमी/घंटा रह गई और सुरक्षित स्प्लैशडाउन हुआ।

धरती के वायुमंडल में प्रवेश के समय ओरियन स्पेसक्राफ्ट की रफ्तार 40,000 से 42,000 किमी/घंटा थी, जो International Space Station से लौटने वाले यानों से काफी ज्यादा है। इतनी तेज गति और अत्यधिक तापमान को सहने के लिए इस यान को विशेष रूप से डिजाइन किया गया था।

करीब 11.17 लाख किलोमीटर की यात्रा पूरी कर यह मिशन भविष्य के मानव चंद्र अभियान के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: