Khulasa Online
Breaking
• पीएम मोदी बोले - ईरान जंग जारी रही तो गंभीर होंगे नतीजे, आने वाला समय देश की सबसे बड़ी परीक्षा लेगा, टीम इंडिया की तरह करना होगा काम • रेलवे ने टिकट कैंसिल करने के नियम किए सख्त, ये नियम किया खत्म, पढ़े पूरी खबर ... • हरीश राणा का निधन, 13 साल से थे कोमा में; इच्छामृत्यु के लिए सुप्रीम कोर्ट से मिली थी इजाजत • जंग के बीच पहली बार मोदी-ट्रम्प की बातचीत, होर्मुज स्ट्रेट खुला रखने पर दोनों सहमत • महिला के शव के साथ 13 घंटे उड़ता रहा विमान, टेकऑफ के बाद मौत हुई; रास्तेभर बदबू से परेशान रहे यात्री • पीएम मोदी बोले - ईरान जंग जारी रही तो गंभीर होंगे नतीजे, आने वाला समय देश की सबसे बड़ी परीक्षा लेगा, टीम इंडिया की तरह करना होगा काम • रेलवे ने टिकट कैंसिल करने के नियम किए सख्त, ये नियम किया खत्म, पढ़े पूरी खबर ... • हरीश राणा का निधन, 13 साल से थे कोमा में; इच्छामृत्यु के लिए सुप्रीम कोर्ट से मिली थी इजाजत • जंग के बीच पहली बार मोदी-ट्रम्प की बातचीत, होर्मुज स्ट्रेट खुला रखने पर दोनों सहमत • महिला के शव के साथ 13 घंटे उड़ता रहा विमान, टेकऑफ के बाद मौत हुई; रास्तेभर बदबू से परेशान रहे यात्री
sukhajan
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bansal Group

देशभर में UGC के नए नियमों का विरोध, जानिए कौन से 4 प्रावधानों पर मचा बवाल

1 month ago
देशभर में UGC के नए नियमों का विरोध, जानिए कौन से 4 प्रावधानों पर मचा बवाल

देशभर में UGC के नए नियमों का विरोध, जानिए कौन से 4 प्रावधानों पर मचा बवाल

नई दिल्ली। यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नए नियमों को लेकर देशभर में विरोध तेज हो गया है। जनरल कैटेगरी के छात्रों और सवर्ण समाज से जुड़े संगठनों ने इन नियमों के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। राजधानी दिल्ली में UGC मुख्यालय के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और प्रदर्शनकारियों को परिसर में प्रवेश से रोकने के लिए भारी संख्या में बैरिकेड्स लगाए गए हैं। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, रायबरेली, वाराणसी, मेरठ, प्रयागराज और सीतापुर समेत कई जिलों में छात्रों, युवाओं और सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शन किए। रायबरेली में भाजपा किसान नेता रमेश बहादुर सिंह और गौरक्षा दल के अध्यक्ष महेंद्र पांडेय ने विरोध जताते हुए सवर्ण सांसदों को चूड़ियां भेजीं।

इस्तीफा और सियासी प्रतिक्रियाएं
यूपी के बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने UGC के नए नियमों के विरोध में अपने पद से इस्तीफा दे दिया। वहीं, कवि और वक्ता कुमार विश्वास ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए लिखा—
“चाहे तिल लो या ताड़ लो राजा, राई लो या पहाड़ लो राजा,
मैं अभागा ‘सवर्ण’ हूं… मेरा रोंया-रोंया उखाड़ लो राजा।”

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि इन नियमों का कोई गलत इस्तेमाल नहीं होने दिया जाएगा और किसी के साथ अत्याचार या भेदभाव नहीं होगा। उधर, विनीत जिंदल ने नियमों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें नियम पर रोक, सभी छात्रों के लिए समान अवसर और इक्विटी हेल्पलाइन जैसी सुविधाओं की मांग की गई है।

UGC का नया नियम क्या है?
UGC ने 13 जनवरी 2026 को नया नियम लागू किया है, जिसका नाम है—
“Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026”।

UGC के अनुसार, इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव और असमानता को रोकना है। नियम के तहत सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में Equity Center, Equity Squad और Equity Committee का गठन अनिवार्य होगा। साथ ही, शिकायतों के लिए 24×7 हेल्पलाइन की व्यवस्था भी करनी होगी। नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों की मान्यता रद्द की जा सकती है या उनका फंड रोका जा सकता है।

UGC का कहना है कि वर्ष 2020 से 2025 के बीच पिछड़ी जातियों, अनुसूचित जातियों और जनजातियों से जुड़ी शिकायतों में 100 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हुई है। इसके अलावा रोहित वेमुला और पायल तड़वी जैसे मामलों में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों को भी ध्यान में रखकर यह नियम तैयार किया गया है।

किन 4 नियमों पर सबसे ज्यादा विरोध?
Equity Center और Equity Squad का गठन अनिवार्य होना, 24×7 इक्विटी हेल्पलाइन की व्यवस्था, नियम न मानने पर UGC द्वारा मान्यता रद्द या फंड रोकने का अधिकार, जातिगत भेदभाव से जुड़ी शिकायतों की सख्त निगरानी और कार्रवाई
UGC के इन नए नियमों को लेकर देशभर में बहस और विरोध जारी है, वहीं सरकार और आयोग का कहना है कि इनका मकसद केवल उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता और न्याय सुनिश्चित करना है।

BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: