राजस्थान में छात्राओं को अब साइकिल नहीं, मिलेगा ई-वाउचर! सरकार ने भेजा प्रस्ताव
राजस्थान में छात्राओं को अब साइकिल नहीं, मिलेगा ई-वाउचर! सरकार ने भेजा प्रस्ताव
जयपुर। राजस्थान की सरकारी स्कूलों में 9वीं कक्षा में प्रवेश लेने वाली बालिकाओं के लिए संचालित साइकिल योजना जल्द नए स्वरूप में नजर आ सकती है। शिक्षा विभाग ने छात्राओं को साइकिल उपलब्ध कराने के बजाय ई-वाउचर देने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा है। मंजूरी मिलने के बाद बालिकाएं स्वयं अपनी पसंद की साइकिल खरीद सकेंगी। जानकारी के अनुसार सत्र 2026-27 में सरकारी स्कूलों की 9वीं कक्षा में अध्ययनरत करीब 3.50 लाख बालिकाओं को इस योजना का लाभ मिल सकता है। विभाग का मानना है कि नई व्यवस्था से छात्राओं को समय पर साइकिल उपलब्ध हो सकेगी।
टेंडर प्रक्रिया से होती थी देरी
अब तक शिक्षा विभाग स्वयं साइकिल खरीदकर छात्राओं को वितरित करता था। टेंडर, खरीद, भंडारण और वितरण की लंबी प्रक्रिया के कारण कई बार छात्राओं को 9वीं कक्षा में प्रवेश के बाद भी महीनों इंतजार करना पड़ता था। पिछले सत्र 2025-26 में स्कूल जुलाई में शुरू हो गए थे, लेकिन अधिकांश छात्राओं को साइकिल दिसंबर और जनवरी में जाकर मिली। कई मामलों में तो छात्राएं 10वीं कक्षा में पहुंचने के बाद साइकिल प्राप्त कर सकीं।
करीब 4 हजार रुपए का हो सकता है ई-वाउचर
प्रस्तावित योजना के तहत प्रत्येक पात्र छात्रा को लगभग 4 हजार रुपए का ई-वाउचर दिए जाने की संभावना है। इससे छात्राएं अपनी जरूरत और पसंद के अनुसार साइकिल खरीद सकेंगी।
रंग को लेकर होने वाला विवाद भी होगा खत्म
नई व्यवस्था लागू होने पर साइकिल के रंग को लेकर होने वाली राजनीतिक बहस भी समाप्त हो सकती है। पहले अलग-अलग सरकारों के दौरान साइकिलों के रंग को लेकर विवाद और चर्चाएं होती रही हैं। ई-वाउचर मिलने से छात्राएं अपनी पसंद का रंग और मॉडल चुन सकेंगी।
स्कूटी योजना में भी बड़ा बदलाव
उच्च शिक्षा विभाग ने भी कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना और देवनारायण छात्रा स्कूटी योजना में बदलाव किया है। अब विभाग स्कूटी खरीदकर देने के बजाय पात्र छात्राओं के बैंक खातों में 70 हजार रुपए की राशि सीधे ट्रांसफर करेगा। इस फैसले से सत्र 2024-25 की करीब 26 हजार और सत्र 2025-26 की 25 हजार से अधिक छात्राओं को लाभ मिलने की उम्मीद है। साथ ही विभाग को टेंडर और खरीद प्रक्रिया की जटिलताओं से भी राहत मिलेगी। सरकार की मंजूरी मिलने के बाद ई-वाउचर व्यवस्था लागू होने की दिशा में आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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