महिला आरक्षण बिल से जुड़े संशोधनों पर मोदी बोले - विपक्ष क्रेडिट ले, ब्लैंक चेक देने को तैयार
महिला आरक्षण बिल से जुड़े संशोधनों पर मोदी बोले - विपक्ष क्रेडिट ले, ब्लैंक चेक देने को तैयार
पीएम मोदी ने गुरुवार को महिला आरक्षण बिल से जुड़े संशोधनों पर कहा कि परिसीमन में किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। यह मोदी की गारंटी है और वादा है। विपक्ष इसका क्रेडिट ले सकता है।
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि एक नैरेटिव गढ़ा जा रहा है कि 3 बिलों से साउथ के राज्यों की लोकसभा सीटें कम हो जाएंगी।
उन्होंने कहा, 'लोकसभा की कुल 543 सीटों में दक्षिण राज्यों की 129 सीटें हैं। परिसीमन के बाद यह बढ़कर 195 हो जाएंगी। तमिलनाडु की सीटें 39 से बढ़कर 59 होंगी।'
प्रियंका गांधी ने कहा, 'वे (पीएम) कह रहे हैं कि उन्हें इसका श्रेय नहीं चाहिए। मैं कहती हूं कि बार-बार बहकाने वाले पुरुषों को महिलाएं पहचान लेती है। सावधान हो जाइए नहीं तो पकड़े जाएंगे।'
बिलों पर चर्चा के लिए 16 और 17 अप्रैल को 15 घंटे का समय तय किया गया है। कल शाम 4 बजे वोटिंग की जाएगी। संशोधन बिल में लोकसभा सांसदों की संख्या 850 करने का प्रस्ताव है।
पीएम की स्पीच की 4 बड़ी बातें, बोले- इसमें राजनीतिक लाभ नहीं
मैं क्रेडिट का ब्लैंक चेक दे रहा हूं: यहां कुछ लोगों को लगता है, इसमें कहीं न कहीं मोदी का राजनीतिक स्वार्थ है। इसका अगर विरोध करेंगे तो स्वभाविक है कि राजनीतिक लाभ मुझे होगा। अगर साथ चलेंगे तो किसी को भी नहीं होगा। फिर अलग पहलू हो जाता है। हमें क्रेडिट नहीं चाहिए जैसे ही पारित हो जाए तो मैं एड देकर सबको धन्यवाद देने तैयार हूं। सबकी फोटो छपवा देंगे। ले लो जी क्रेडिट। सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं।
जिसको भी गारंटी चाहिए, वो देता हूं: अगर गांरटी शब्द चाहिए तो मैं वह शब्द भी उपयोग करता हूं, वादा की बात करते हो तो उसे भी इस्तेमाल करता हूं। तमिल में कोई शब्द हो तो मैं उसे भी कहता हूँ। क्योंकि जब नीयत साफ है तो शब्दों का खेल करने की जरूरत नहीं है।
काले कपड़े पहनकर आए लोग नजर का टीका: हमारे यहां परंपरा है कि अच्छे काम में किसी की नजर न लगे इसके लिए काला टीका लगाते हैं, इसलिए मैं आपका (डीएमके) धन्यवाद करता हूं। दरअसल, पीएम ने डीएमके का नाम लिए बिना जिक्र किया। डीएमके सांसद आज परिसीमन बिल का विरोध करने के लिए काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे थे।
महिलाओं को हक देकर प्रायश्चित कर रहे: हम भ्रम में न रहें, हम अहंकार में न रहें। यहां मैं और तुम की बात नहीं कर रहा हूं। हम हम देश की नारी शक्ति को कुछ दे रहे हैं। ये उनका हक है। और हमने कई दशकों से उनको रोका है। आज उसका प्रायश्चित करके उस अपराध से मुक्ति पाने का अवसर है।
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