44 अभ्यार्थियों ने फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाकर हासिल की सरकारी नौकरी, अब हुआ मामला दर्ज
44 अभ्यार्थियों ने फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाकर हासिल की सरकारी नौकरी, अब हुआ मामला दर्ज
बीकानेर। फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र से सरकारी नौकरी हासिल करने वाले प्रदेशभर के 44 अभ्यर्थियों के खिलाफ एसओजी ने एफआईआर दर्ज करवा दी है। इनमें से सिरोही से जुड़े 6 कर्मचारी भी शामिल हैं। मामले में वे डॉक्टर भी जांच के घेरे में हैं, जिन्होंने इन अभ्यर्थियों को दिव्यांगता प्रमाण-पत्र जारी किए थे। एसओजी द्वारा दर्ज किए गए मामलों में आरोपियों ने श्रव्यबाधित, लोकोमोटर, दृष्टिबाधित होने के फर्जी प्रमाण पत्र बनवाए थे।बता दें कि एसओजी मुख्यालय को हेल्पलाइन और डाक के जरिए 27 शिकायतें प्राप्त हुई थीं। एसओजी की जांच में 44 अभ्यर्थियों का नाम सामने आया था। जिनकी जांच में दोष सिद्ध होने के बाद इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। एसओजी ने ढ्ढक्कष्ट की धारा 420, 467, 468, 471 और 120-बी के तहत केस दर्ज किया है। वर्ष 2025 में दैनिक भास्कर ने आबूरोड सहित आस पास के इलाके में फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के द्वारा सरकारी नौकरी लेने के साथ सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने के मामले में खबर प्रकाशित की थी। सिरोही कलेक्टर अल्प चौधरी ने सीएमएचओ के निर्देशन में टीम का गठन किया था। कार्रवाई के लिए एसओजी जयपुर को पत्र लिखा था।
इन 44 कर्मचारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए
हन्टू गुर्जर जयपुर ग्रामीण, तगाराम उर्फ तरुण चौधरी निवासी धोरीमन्ना बाड़मेर, किशोर सिंह निवासी मकराना, दीपू निवासी मकराना, महेश कुमार जीतरवाल निवासी चौमू जयपुर, लोकेश निवासी बांसवाड़ा, नरेश निवासी बांसवाड़ा, अरविन्द निवासी बांसवाड़ा, ललिता निवासी बांसवाड़ा, लोकेश निवासी बांसवाड़ा, लोकेश पुत्र ओमप्रकाश निवासी भरतपुर, बिकेश कुमार निवासी भरतपुर, पिंकी कुमारी निवासी भरतपुर, दामिनी कंवर निवासी जैसलमेर, महिपाल सिंह निवासी जैसलमेर, मनीष कुमार कटारा निवासी भरतपुर, भानुप्रताप कटारा निवासी भरतपुर, महिपाल निवासी सुरपालिया, भरत कुमार पाटीदार निवासी बांसवाड़ा, गेपु राम निवासी रानी जिला पाली, जगदीश चौधरी निवासी अजमेर, दिनेश कुमार निवासी बाड़मेर, आसी कुमारी सांचौर, कमल निवासी जोधपुर, छिन्द्रपाल सिंह निवासी गंगानगर, कमल किशोर निवासी बारां, महेन्द्र पाल निवासी राजसमंद, राजेन्द्र कुमार सेपट निवासी चौमूं जयपुर, डॉ. रामलाल निवासी बूंदी, डॉ. शंकर लाल मीणा निवासी बूंदी, डॉ. प्रकाश कुमार वर्मा निवासी कोटा, सवाई सिंह गुर्जर निवासी करौली, नफीस निवासी भरतपुर, संजय निवासी बीकानेर, रणजीत सिंह निवासी बयाना, कलुआ राम निवासी बयाना, सत्यपाल सिंह निवासी रेवदर, सिरोही, हेमंत सिंह निवासी आबूरोड जिला सिरोही, पवन सिंह निवासी आबूरोड जिला सिरोही, विनोद कंवर शेखावत निवासी सीकर, मोहित सिंह निवासी आबूरोड जिला सिरोही, प्रशांत सिंह निवासी आबूरोड जिला सिरोही और फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले इरफान के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं।
एसएमएस में विशेष मेडिकल बोर्ड ने जांच में 40त्न से कम दिव्यांग पाए
जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल (एसएमएस) के माध्यम से विशेष मेडिकल बोर्ड ने संदिग्ध कर्मचारियों का दोबारा मेडिकल परीक्षण किया। इन 44 कर्मचारियों की दिव्यांगता निर्धारित मानक 40त्न से काफी कम पाई गई। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि आरोपियों के साथ ही डॉ. रामलाल मीणा, लोकेश पुत्र दिनेश व विनोद कंवर शेखावत के व फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने वाले डॉक्टरों के विरुद्ध भी कार्रवाई हो।
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