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खेजड़ी पर चोट बर्दाश्त नहीं,बिश्नोई समाज ने किया प्रदर्शन

1 week ago
खेजड़ी पर चोट बर्दाश्त नहीं,बिश्नोई समाज ने किया प्रदर्शन

खेजड़ी पर चोट बर्दाश्त नहीं,बिश्नोई समाज ने किया प्रदर्शन
बीकानेर। विश्नोई समाज और पर्यावरण प्रेमियों ने सोमवार को खेजड़ी वृक्षों के संरक्षण और उनकी अवैध कटाई पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग  को लेकर महाराज सच्चिदानंद की अगुवाई में एडीएम को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रदेश में खेजड़ी संरक्षण के लिए तत्काल कठोर कानून बनाने की मांग रखी।
ज्ञापन में बताया कि राजस्थान की पर्यावरणीय, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान माने जाने वाले खेजड़ी वृक्ष पिछले कुछ वर्षों से गंभीर संकट  का सामना कर रहे हैं।बीकानेर,जोधपुर,नागौर,बाड़मेर,फलोदी,बालोतरा,जालौर,पाली,अजमेर और चूरू सहित कई जिलों में सोलर परियोजनाओं  के नाम पर बड़ी संख्या में खेजड़ी वृक्षों की कटाई हो रही है,जिससे आमजन और विश्नोई समाज में गहरा रोष है। अखिल भारतीय विश्नोई  महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेन्द्र बुडिया ने कहा कि पूर्व में पर्यावरण संघर्ष समिति के बैनर तले बीकानेर में हुए महापड़ाव और जनआंदोलन के  दौरान राज्य सरकार ने खेजड़ी संरक्षण के लिए प्रभावी कानून बनाने का आश्वासन दिया था,लेकिन अब तक उस पर अमल नहीं हुआ है। इसके  चलते प्रदेश में लगातार खेजड़ी वृक्षों की कटाई जारी है,जिससे पर्यावरणीय संतुलन,जैव विविधता और मरुस्थलीय पारिस्थितिकी पर प्रतिकूल  प्रभाव पड़ रहा है। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो विश्नोई समाज और पर्यावरण प्रेमी प्रदेशभर में  व्यापक जनआंदोलन करने को बाध्य होंगे,जिसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। आने वाले दिनों में विधानसभा घेराव करेंगे। पर्यावरण संघर्ष समिति के परसाराम विश्नोई नेे कहा  कि दुर्भाग्य की बात है कि खेजड़ली बचाओं आन्दोलन को दो वर्ष होने जा रहे है। इन दो वर्षों ने सरकार के मुखिया ने पहले नागौर व बाद में  जयपुर में समाज के मौजिजों से बात कर पेड़ों के संरक्षण के लिए सख्त कानून (ट्री एक्ट) लागू करने का वादा किया था। लेकिन दोनों ही बार  वादाखिलाफी की है। अगर इस मानसून सत्र में सरकार इसको लेकर कानून नहीं लाई तो इस बार आरपार की लड़ाई लड़ेगें। पूर्व पार्षद मनोज  विश्नोई ने कहा कि कानून बन नहीं रहा है और जो सरकार के प्रतिनिधि/नेता जो बीकानेर खेजड़ी आंदोलन में आए थे। अब वो हमसे मुंह छुपाते घूम रहे सरकार को बहुत समय हो गया है। कानून बन नहीं रहा है,खेजड़ी और हरे वृक्षों की कटाई निरंतर जारी है। 36 क़ौम चाहती है खेजड़ी संरक्षण को लेकर कानून बने,अब लोग जागरूक है। खेजड़ी पर चोट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार की  पैरवी करने वाले नेताओं के भरोसे समाज नहीं है।अगर इस विधानसभा सत्र में कानून नहीं बनेगा तो पंचायत व निकाय चुनावों में भाजपा को  आईना भी दिखा देंगे। इस मौके पर हड़मान बेनीवाल,मोखराम धारणिया,सुभाष विश्नोई,राम गोपाल विश्नोई,मांगीलाल नोखड़ा,रामकिशन  डेलू,रिछपाल फौजी,भोमाराम भादू,हेतराम डूडी,दिनेश,रामदयाल बेनीवाल,सुनील सींगड़,भंवरलाल कूकणा,मुकेश पन्नू,लक्ष्मण कुमावत,राकेश  विश्नोई,संदीप खींचड़,अनिल विश्नोई भी मौजूद रहे।

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