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बीकानेर: पांचवीं बार निविदा जारी करने पर इतने करोड़ रुपए में हुआ बजरी-क्ले की रॉयल्टी वसूली का ठेका

2 months ago
बीकानेर: पांचवीं बार निविदा जारी करने पर इतने करोड़ रुपए में हुआ बजरी-क्ले की रॉयल्टी वसूली का ठेका

बीकानेर: पांचवीं बार निविदा जारी करने पर इतने करोड़ रुपए में हुआ बजरी-क्ले की रॉयल्टी वसूली का ठेका

बीकानेर। खान निदेशालय की ओर से पांचवीं बार निविदा जारी करने पर बीकानेर जिले में बजरी-क्ले की रॉयल्टी वसूली का ठेका 1 अरब 39 करोड़ 81 लाख 53 हजार 383 रुपए में हुआ है। जिप्सम की रॉयल्टी वसूली का ठेका इस बार भी नहीं हुआ। पूर्व में रॉयल्टी वसूली के ठेकों की अवधि 31 मार्च को खत्म हो गई और एक अप्रैल से नए ठेके होने थे। लेकिन, निदेशालय की ओर से रिजर्व प्राइज ज्यादा होने के कारण किसी भी व्यवसायी ने रुचि नहीं ली। बार-बार निविदा जारी करने के बावजूद ठेके नहीं हुए। पांचवीं बार निविदा जारी करने पर अधिकतम बोली 1,39,81,53383 रुपए में छूटी जो पिछले ठेके से करीब 24 करोड़ रुपए कम है। खास बात यह रही कि ठेके के लिए दिन में एक बजे बोली शुरू हुई और रात को 3 बजे तक चली। इस दौरान 14 घंटे में रिजर्व प्राइज 1,39,32,03383 से केवल 49.50 लाख रुपए ही ज्यादा पर बोली छूटी है। जबकि, ठेके की राशि 150 करोड़ रुपए तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही थी और इसीलिए शासन स्तर पर रिजर्व प्राइज 5 प्रतिशत घटाकर निविदा जारी की गई। जबकि, बीकानेर से रिजर्व प्राइज 10 प्रतिशत राशि कम करने के प्रस्ताव भेजे गए थे।

एमई एमपी पुरोहित ने बताया कि निदेशालय से बिडशीट आने पर संबंधित फर्म को 15 दिन में सभी औपचारिकताएं पूरी करनी होगी। उसके बाद निदेशालय को प्रस्ताव भेजेंगे। वहां स्वीकृति मिलने पर फर्म को 15 दिन में एग्रीमेंट करना होगा। जिप्सम के रॉयल्टी ठेके के लिए फिर से प्रस्ताव निदेशालय को भेजे जाएंगे। गौरतलब है कि जिप्सम की रिजर्व प्राइज 40.83 करोड़ रुपए बढ़ाकर 106 करोड़ रुपए और बजरी-क्ले की रिजर्व प्राइज 45 करोड़ रुपए बढ़ाकर 181 करोड़ रुपए कर दी गई थी जिससे रॉयल्टी ठेके नहीं हुए थे। उसके बाद से निदेशालय को रिजर्व प्राइज लगातार कम कर निविदाएं जारी करनी पड़ीं। इस दौरान ठेके नहीं होने से एक माह में ही करीब 9 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।

पिछली बार के रॉयल्टी ठेके बीकानेर जिले में पिछली बार बजरी-क्ले के रॉयल्टी ठेके की रिजर्व प्राइज 136 करोड़ रुपए होने पर 159 करोड़ रुपए में हुआ था। बाद में 23 जुलाई, 25 को अधिसूचना जारी कर रॉयल्टी दरों में बढ़ोतरी की गई तो ठेका 164 करोड़ रुपए पहुंच गया था। जिप्सम के रॉयल्टी ठेके की शुरुआती रिजर्व प्राइज 111 करोड़ रुपए रखी गई जिसे लगातार कम करना पड़ा। उसके बाद रिजर्व प्राइज 73.13 करोड़ रुपए पहुंची तो 75,01,48,860 रुपए में ठेका हुआ था।

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