सरकार और प्रशासन की सख्ती के बाद भी नहीं रुक रही खेजड़ी कटाई,पर्यावरण प्रेमियों ने उपखंड अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
सरकार और प्रशासन की सख्ती के बाद भी नहीं रुक रही खेजड़ी कटाई,पर्यावरण प्रेमियों ने उपखंड अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
खुलासा ऑनलाइन। राज्य सरकार की रोक के बाद भी जिले में खेजड़ी के पेड़ों की कटाई बदस्तूर जारी है। भानीपुरा में सोलर प्लांट लगाने के लिए करीब 100 बीघा में खेजड़ी के 74 पेड़ काटने का मामला सामने आया है। तीन महीने में यह दूसरी घटना है। जनवरी में इसी क्षेत्र में करीब 200 बीघा जमीन पर 497 खेजड़ी के पेड़ काटे दिए गए थे। इसे देखते हुए जिले में पहली बार खेजड़ी की कटाई पर कानूनी रोक लगाने की कार्यवाही की जाएगी। गुरुग्राम की एकमे सूर्या प्रा. लि. और एकमे सोलर लि. ने लीज ले रखी है।
भानीपुरा गांव में खेजड़ी के पेड़ काटने की घटना 12 अप्रैल की रात घटित हुई। सोमवार सुबह पता चलने पर ग्रामीणों में खलबली मच गई। काफी संख्या में ग्रामीण और पर्यावरण प्रेमी मौके पर पहुंचे। मौका रिपोर्ट के अनुसार 10.3953 हेक्टेयर में 24, 9.3583 हेक्टेयर में 31 और 7.5878 हेक्टेयर में 19 कुल 74 खेजड़ी के पेड़ काटे गए हैं। खातेदारों की यह जमीनें गुरुग्राम की एकमे कंपनी ने सोलर प्लांट लगाने के लिए लीज पर ले रखी है। इसमें लीजधारक कंपनियां एकमे सूर्या पावर प्राइवेट लिमिटेड और एकमे सोलर होल्डिंग लिमिटेड के नाम से हैं। पटवारी मूलदान चारण ने मौका रिपोर्ट तैयार कर पूगल तहसीलदार को सौंपी है। भानीपुरा में गुरुग्राम की एकमे सोलर कंपनी से जुड़ा तीन महीने में ही खेजड़ी की कटाई का यह दूसरा बड़ा मामला है। इससे पहले 15 जनवरी को 497 खेजड़ी के पेड़ काटने पर काफी हंगामा हुआ था। पर्यावरण प्रेमियों ने आंदोलन किया था। हाल ही में इससे पूर्व श्रीडूंगरगढ़ के कीतासर भाटियान और कुंतासर गांव की रोही में खेजड़ी के 49 पेड़ काट दिए गए थे। इनमें से खेजड़ी के चार पेड़ माफिया ने जला दिए। इनमें चार खसरे राजस्व रिकॉर्ड में एसबीएफ स्पात प्राइवेट लिमिटेड जरिए अधिकृत राजाराम यादव और एक अन्य खसरा बजरंगलाल के नाम से दर्ज है।
सरकार की रोक, फिर भी कट गए 261 पेड़
राज्य सरकार की रोक के बाद संभाग में सोलर प्लांट लगाने के लिए खेजड़ी के 261 पेड़ काटे जा चुके हैं। पर्यावरण प्रेमियों का सख्त कानून बनाने को लेकर सरकार पर दबाव बना हुआ है, जबकि सोलर प्लांट लगाने की आड़ में खेजड़ी के पेड़ों पर लगातार कुल्हाड़ी चल रही है। उपखंड स्तर पर सोलर कंपनियों को खेजड़ी ना काटने का नोटिस जारी कर केवल कागजी खानापूर्ति की गई है। दो अप्रैल को पर्यावरण संघर्ष समिति ने मंत्री जोगाराम पेटल को नया कानून जल्दी लाने की मांग की थी और कई तरह के सुझाव दिए थे। खेजड़ी बचाने के लिए 12 दिन तक महापड़ाव और आमरण अनशन भी किया, लेकिन सोलर कंपनियों के प्रभाव के आगे सभी बौने साबित हो रहे हैं।
सरकार की रोक के बाद सभी सोलर कंपनियों को पाबंद किया गया था। फिर भी पेड़ काटे जा रहे हैं। अब टिनेंसी एक्ट में धारा 86 के साथ धारा 212 की कार्यवाही की जाएगी। तहसीलदार ने परिवाद पेश कर दिया है। इस धारा के तहत पेड़ों की कटाई पर अस्थायी रोक रहेगी। यदि उसके बाद भी कंपनी ने हरकत की तो स्थायी रोक लगा दी जाएगी। कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही के लिए पुलिस को भी लिख दिया गया है। दिव्या बिश्नोई, उपखंड अधिकारी, पूगल
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