बीकानेर: 15 दिन में परिवाद निस्तारण के निर्देश, देरी पर कलेक्टर सख्त
बीकानेर: 15 दिन में परिवाद निस्तारण के निर्देश, देरी पर कलेक्टर सख्त
बीकानेर। जिला कलेक्टर निशांत जैन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी विभाग में परिवाद 15 दिन से अधिक लंबित नहीं रहने चाहिए और उनका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि परिवाद के समाधान के बाद संबंधित व्यक्ति से संवाद भी किया जाए तथा गलत विभाग में आए मामलों को तुरंत संबंधित विभाग को ट्रांसफर किया जाए। कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को आयोजित संपर्क पोर्टल समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने कहा कि इस पोर्टल की मॉनिटरिंग राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जा रही है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि राज्य में परिवाद निस्तारण का औसत समय 14 दिन है, जबकि बीकानेर जिले में कई विभागों का समय इससे अधिक है। कुछ विभागों में निस्तारण अवधि 30 दिन से भी ज्यादा पाई गई, जिस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और सुधार के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि जिले का औसत निस्तारण समय 14 दिन से कम लाने का लक्ष्य रखा जाए। वर्तमान में यह 16 दिन है, जिसे कम करने के लिए सभी अधिकारियों को नियमित रूप से मॉनिटरिंग करनी होगी।
बैठक में यह भी सामने आया कि पीएचईडी, जोधपुर डिस्कॉम और राजस्व विभाग में सबसे अधिक परिवाद लंबित हैं। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर इनका निस्तारण करने के निर्देश दिए। बैठक में नगर निगम आयुक्त सिद्धार्थ पालनीचामी, जिला परिषद सीईओ शैलजा पांडे, आईएएस स्वाति शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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