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बीकानेर: रेलवे का सुपरवाइजर बनकर फरारी काट रहा था ड्रग सप्लायर, एएनटीएफ ने ऐसे पकड़ा

1 month ago
बीकानेर: रेलवे का सुपरवाइजर बनकर फरारी काट रहा था ड्रग सप्लायर, एएनटीएफ ने ऐसे पकड़ा

बीकानेर: रेलवे का सुपरवाइजर बनकर फरारी काट रहा था ड्रग सप्लायर, एएनटीएफ ने ऐसे पकड़ा

 बीकानेर। जयपुर एएनडीएफ की टीम ने देशनोक पुलिस थाने में दर्ज एनडीपीएस के तीन साल पुराने मामले में फरार चल रहे ड्रग सप्लायर को झारखंड के चतरा जिले से पकड़ा है। वर्ष, 23 में देशनोक पुलिस थाने में एनडीपीएस का मामला दर्ज हुआ था। इसमें ड्रग सप्लायर झारखंड में चतरा जिले के सलगी गांव निवासी अंकित राज उर्फ अंकित कुमार सिंह फरार चल रहा था जिसकी पुलिस को तलाश थी। बीकानेर आईजी ने उस पर 30000 रुपए का इनाम रखा था। राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने आईजी विकास कुमार की देखरेख में झारखंड के घोर नक्सल प्रभावित इलाके से इनामी अंकित को गिरफ्तार किया है। एएनटीएफ की टीम को पता चला था कि अंकित पुलिस से बचने के लिए सुपरवाइजर बनकर रेलवे के सिविल कंस्ट्रक्शन के काम में लगा था।

हाल ही में उसकी सगाई हुई थी जिसके बाद वह अपनी मंगेतर की नजरों में आदर्श पति बनना चाहता था। शादी तक कोई रिस्क न लेने के लिए उसने ड्रग्स का धंधा रोककर हजारीबाग में रेलवे अंडरपास के काम में बतौर सुपरवाइजर नौकरी शुरू कर दी थी। एएनटीएफ की टीम रेलवे की सिविल इंजीनियर बनकर साइट पर पहुंच गई। वहां सैकड़ों मजदूरों के बीच आरोपी को पहचानना मुश्किल था. टीम ने दिहाड़ी मजदूरों को श्रम मंत्रालय की योजना के तहत ₹5-5 हजार खाते में डलवाने का कहकर उनके नाम-पते पूछने शुरू किए। मजदूरों ने इशारा किया कि जेसीबी चलाने वाले 'साहब' ही उनके मुखिया हैं। पुलिस ने अवैध खनन के बहाने पूछताछ कर अंकित को जेसीबी से नीचे उतारा और दबोच लिया।

₹20 लाख प्रति ट्रिप की थी कमाई अंकित मणिपुर और झारखंड के स्थानीय किसानों से महज ₹500 किलो में नशीले पदार्थ खरीदता था। इसे वह राजस्थान के बीकानेर निवासी प्रदीप जैसे तस्करों को ₹1500 से ₹2000 प्रति किलो में बेचता था। वह एक बार में कम से कम 20 क्विंटल माल की खेप भेजता था और प्रति ट्रिप करीब ₹20 लाख का मुनाफा कमाता था।

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