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नवजात शिशुओं की मृत्यु दर कम करने के लिए बीकानेर में मनाया गया एनआरपी दिवस

2 months ago
नवजात शिशुओं की मृत्यु दर कम करने के लिए बीकानेर में मनाया गया एनआरपी दिवस

खुलासा न्यूज,बीकानेर। राष्ट्रव्यापी स्तर पर नवजात शिशुओं की जान बचाने के लिए एक ऐतिहासिक पहल शुरू की गई है। नेशनल नियोनेटोलॉजी फोरम  इंडिया की पहल पर 10 मई को एनआरपी दिवस मनाया गया। राजस्थान में इस दिवस के अवसर पर राज्यव्यापी प्रशिक्षण कार्यक्रमों की श्रृंखला चलाई जा रही है, जिसका उद्देश्य नवजात शिशु मृत्यु दर को कम करना और जन्म के समय उचित देखभाल सुनिश्चित करना है।
एनएनएफ इंडिया के नेतृत्व में डॉ. लल्लन कुमार भारती के मार्गदर्शन में यह अभियान चलाया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जन्म के बाद के पहले कुछ मिनट शिशु की जिंदगी के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं।

 

 प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी सही समय पर उचित हस्तक्षेप करके कई निष्प्राण होते शिशुओं को बचाने में सफल हो सकते हैं। इसी उद्देश्य से हृहृस्न इंडिया ने पूरे देश में 998 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए हैं, जिनमें करीब 20,000 स्वास्थ्यकर्मी प्रशिक्षित हो चुके हैं।
बीकानेर में आज तीन प्रमुख स्थानों पर नि:शुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की गायनिक नर्सरी, शिशु विभाग तथा क्यू मैक्स  अस्पताल शामिल हैं। 

 


कार्यक्रम के मीडिया प्रभारी डॉ. श्याम अग्रवाल,  डॉ. पवन कुमार डारा, डॉ. संजीव चाहर, डॉ. सारिका स्वामी, डॉ. कुलदीप स्वामी, डॉ. निषाद अहमद और डॉ. खुशीदा बानो जैसे अनुभवी चिकित्सकों के नेतृत्व में सरकारी और निजी क्षेत्र के स्वास्थ्यकर्मियों को नवजात शिशु पुनर्जीवन की अत्याधुनिक तकनीकें सिखाई जा रही हैं।
यह अभियान खासकर ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। एनएनएफ इंडिया का प्रयास है कि हर नवजात को जन्म के समय उचित और समय पर चिकित्सकीय सहायता मिल सके, जिससे देश में नवजात मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है ।

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