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बीकानेर पहुंची एसओजी की टीम,आरजीएचएस योजना में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार की आशंका, सकते में आए अधिकारी

2 months ago
बीकानेर पहुंची एसओजी की टीम,आरजीएचएस योजना में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार की आशंका, सकते में आए अधिकारी


बीकानेर पहुंची एसओजी की टीम,आरजीएचएस योजना में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार की आशंका, सकते में आए अधिकारी
 बीकानेर। बीकानेर शहर स्थित एक निजी डायग्नोस्टिक लैब पर अब गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए संचालित राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी आरजीएचएस योजना में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार की आशंका जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले की जांच अब स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) के हाथों में है और जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आने की संभावना बनती जा रही है। बीकानेर में इस पूरे प्रकरण की जांच एसओजी सीआई नेमीचंद के नेतृत्व में टीम कर रही है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, एसओजी की टीम बीकानेर पहुंची, जहां टीम ने   लैब से जुड़े रिकॉर्ड, बिल और भुगतान संबंधी दस्तावेजों की गहन पड़ताल की। जांच के दौरान आरजीएचएस योजना के तहत जारी कुछ बिलों में पीबीएम अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग से जुड़े चिकित्सक डॉ.  कथित फर्जी हस्ताक्षर और मुहर मिलने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि दस्तावेजों के सत्यापन के लिए एसओजी अधिकारियों ने पीबीएम अस्पताल अधीक्षक सहित संबंधित चिकित्सक से भी पूछताछ की। सूत्रों का दावा है कि प्रारंभिक जांच में कई दस्तावेज संदिग्ध पाए गए हैं, जिनमें हस्ताक्षर और सील की प्रमाणिकता पर सवाल उठे हैं।
सूत्रों की मानें तो जांच एजेंसियों को आशंका है कि आरजीएचएस योजना के नाम पर फर्जी जांच, कागजी बिलिंग और चिकित्सकीय अनुमोदन के जरिए करोड़ों रुपये के भुगतान उठाने का खेल लंबे समय से चल रहा हो सकता है। यदि जांच में यह तथ्य प्रमाणित होते हैं तो यह मामला केवल फर्जी हस्ताक्षरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने वाले बड़े संगठित घोटाले का रूप ले सकता है।
सूत्र यह भी बता रहे हैं कि एसओजी अब लैब से जुड़े वित्तीय लेनदेन, मरीजों के रिकॉर्ड, जांच रिपोट्र्स और आरजीएचएस पोर्टल पर अपलोड किए गए दस्तावेजों का तकनीकी परीक्षण भी कर सकती है। जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि कथित फर्जीवाड़ा किसी एक स्तर पर हुआ या इसमें विभागीय और बाहरी लोगों की मिलीभगत भी शामिल है।
हालांकि अभी तक एसओजी अथवा प्रशासन की ओर से आधिकारिक रूप से विस्तृत बयान सामने नहीं आया है, लेकिन बीकानेर के चिकित्सा जगत में इस जांच को लेकर हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई बड़े नाम भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।

 

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