Khulasa Online
Breaking
• बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bharti

बीकानेर: विद्यार्थी सीखेंगे डिजिटल कम्युनिकेशन, एआइ और उपग्रह संचार जैसी तकनीकों पर फोकस, पढ़े ये खबर

2 months ago
बीकानेर: विद्यार्थी सीखेंगे डिजिटल कम्युनिकेशन, एआइ और उपग्रह संचार जैसी तकनीकों पर फोकस, पढ़े ये खबर

बीकानेर: विद्यार्थी सीखेंगे डिजिटल कम्युनिकेशन, एआइ और उपग्रह संचार जैसी तकनीकों पर फोकस, पढ़े ये खबर 

बीकानेर। तकनीक के तेजी से बदलते दौर में बीकानेर का इंजीनियरिंग कॉलेज अब उच्च स्तरीय शिक्षा की नई राह खोलने जा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में एमटेक (डिजिटल कम्युनिकेशन) कोर्स की शुरुआत के साथ विद्यार्थी अब एआइ, 5जी-6जी और सैटेलाइट कम्युनिकेशन जैसी अत्याधुनिक तकनीकों की पढ़ाई कर सकेंगे। पाठ्यक्रम को इस तरह डिजाइन किया गया है कि छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि प्रैक्टिकल अनुभव भी मिल सके। इसमें लाइव प्रोजेक्ट्स और इंटर्नशिप को प्रमुखता दी जाएगी, ताकि छात्र इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप तैयार हो सकें। प्रारंभिक चरण में इस कोर्स के लिए 18 सीटें निर्धारित की गई हैं। प्रवेश प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना है। इच्छुक अभ्यर्थी कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट या विभाग से संपर्क कर सकते हैं।

करियर के नए अवसर खुलेंगे
विभागाध्यक्ष चेनाराम के अनुसार, डिजिटल कम्युनिकेशन आज के समय की मूलभूत जरूरत बन चुका है। वहीं कोर्स कोऑर्डिनेटर डॉ. इंदु भूरिया ने बताया कि इस कोर्स के बाद छात्र टेलीकॉम, रक्षा, इसरो, डीआरडीओ, रेलवे और आईटी सेक्टर में बेहतर अवसर पा सकेंगे। छात्र रेडियो फ्रीक्वेंसी इंजीनियर, नेटवर्क प्लानिंग एक्सपर्ट, डिजाइन इंजीनियर और रिसर्च साइंटिस्ट जैसे पदों पर काम कर सकेंगे।

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: