Khulasa Online
Breaking
• पीएम मोदी बोले - ईरान जंग जारी रही तो गंभीर होंगे नतीजे, आने वाला समय देश की सबसे बड़ी परीक्षा लेगा, टीम इंडिया की तरह करना होगा काम • रेलवे ने टिकट कैंसिल करने के नियम किए सख्त, ये नियम किया खत्म, पढ़े पूरी खबर ... • हरीश राणा का निधन, 13 साल से थे कोमा में; इच्छामृत्यु के लिए सुप्रीम कोर्ट से मिली थी इजाजत • जंग के बीच पहली बार मोदी-ट्रम्प की बातचीत, होर्मुज स्ट्रेट खुला रखने पर दोनों सहमत • महिला के शव के साथ 13 घंटे उड़ता रहा विमान, टेकऑफ के बाद मौत हुई; रास्तेभर बदबू से परेशान रहे यात्री • पीएम मोदी बोले - ईरान जंग जारी रही तो गंभीर होंगे नतीजे, आने वाला समय देश की सबसे बड़ी परीक्षा लेगा, टीम इंडिया की तरह करना होगा काम • रेलवे ने टिकट कैंसिल करने के नियम किए सख्त, ये नियम किया खत्म, पढ़े पूरी खबर ... • हरीश राणा का निधन, 13 साल से थे कोमा में; इच्छामृत्यु के लिए सुप्रीम कोर्ट से मिली थी इजाजत • जंग के बीच पहली बार मोदी-ट्रम्प की बातचीत, होर्मुज स्ट्रेट खुला रखने पर दोनों सहमत • महिला के शव के साथ 13 घंटे उड़ता रहा विमान, टेकऑफ के बाद मौत हुई; रास्तेभर बदबू से परेशान रहे यात्री
sukhajan
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bansal Group

सडक़ ऐसी बनाई कि एक महिने ही नहीं चली, जगह जगह से  उखड़ गई, देखे वीडियों

2 months ago
सडक़ ऐसी बनाई कि एक महिने ही नहीं चली, जगह जगह से  उखड़ गई, देखे वीडियों


सडक़ ऐसी बनाई कि एक महिने ही नहीं चली, जगह जगह से  उखड़ गई, देखे वीडियों
बीकानेर। शहर में सरकार के निर्देशों पर सडक़ों का निर्माण करवाया गया क्योकि बरसात के दिनों में पूरे शहर की सडक़ जगह जगह टूट गई थी। कई जगह तो ऐसे हालात थे कि सडक़ नाममात्र तक रह गई थी। इसी क्रम में रथखाना कॉलोनी के सदर थाना रोड़ का ठेकेदार के द्वारा नवनिर्माण करवाया गया था। एकबार तो ऐसा लग रहा था कि सडक़ बहुत मजबूत बनी है और ठेकेदार भी अच्छी क्वालिटी की सडक़ बनाने का बड़े बड़े दावे कर रहा था। लेकिन महज एक महिने ही सडक़ जगह जगह से टूट गई डामर प कंकर निकल गये है। सडक़ की स्थिति ये हो चुकी है कि थोड़े दिनों में पूरी टूट जायेगी और स्थिति वापस वहीं होने वाली है। ये तो एक सडक़ की बात है अगर देखा जाये तो शहर की सडक़ों के निर्माण घटिया सामग्री का प्रयोग करके बनाई जा रहा है जिससे बनाने से पहले टूटने का डर रहता है और महज महिना ही नहीं होता है टूट जाती है। इसका मुख्य कारण है कि सडक़ बनने के बाद कोई भी अधिकारी ये नहीं जांच करता कि सडक़ कैसी बनी है कौनसा मेटरियल डाला है। अधिकारी ऑफिसों में बैठकर ठेकेदार के कहे अनुसार कागज तैयार करके पैमेट दिलवा देते है और खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। मजे की बात तो यह है कि आमजन जब ठेकेदार को फोन करें तो उस नंबर पर वापस बात नहीं होती है।  सरकारी रुपये का दुरुप्रयोग होता है करोड़ों रुपये सडक़ निर्माण व पेचवर्क के नाम पर हर साल खर्च होने के बाद भी हालात जस के तस पड़े है। 

BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: