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बीकानेर पहुंची जांच की तपिश, एक्सईएन को किया एपीओ, जाने क्या है मामला

1 month ago
बीकानेर पहुंची जांच की तपिश, एक्सईएन को किया एपीओ, जाने क्या है मामला

बीकानेर पहुंची जांच की तपिश, एक्सईएन को किया एपीओ, जाने क्या है मामला 

बीकानेर। बिजली निगम में नियमों को ताक पर रखकर चहेतों को उपकृत करने के खेल का बड़ा भंडाफोड़ हुआ है। राजस्थान सरकार के ऊर्जा विभाग को मिली शिकायत के बाद जोधपुर डिस्कॉम ने बीकानेर में तैनात अधिशासी अभियंता (एक्सईएन-सिविल) हेमेन्द्र सिंह शेखावत को तत्काल प्रभाव से एपीओ कर दिया है। आरोप की गंभीरता को देखते हुए डिस्कॉम के सचिव (प्रशासन) अखिलेश कुमार पीपल ने तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की है, जिसे महज 7 दिन में रिपोर्ट सौंपने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। समिति में अधीक्षण अभियंता (सिविल) तथा वरिष्ठ लेखाधिकारी को सदस्य बनाया गया है।

एक्सईएन शेखावत पर आरोप है कि उन्होंने ‘मैसर्स गजेंद्र सिंह/रूड़मल सिंह’ नाम की फर्म को फायदा पहुंचाने के लिए कथित रूप से फर्जी परफॉर्मेंस सर्टिफिकेट (कार्य संपादन प्रमाण पत्र) जारी किया। इसी जाली दस्तावेज के दम पर फर्म ने करीब 10 करोड़ रुपए के बड़े टेंडर हासिल कर लिए। शिकायत में सबसे चौंकाने वाला दावा यह है कि यह ठेकेदार फर्म वास्तव में खुद एक्सएन की ही बेनामी फर्म है।

निविदाओं में परफॉर्मेंस सर्टिफिकेट अनुभव और कार्य गुणवत्ता का प्रमाण माना जाता है। गलत या भ्रामक प्रमाण पत्र जारी किया जाता है तो वह निविदा प्रक्रिया की निष्पक्षता को प्रभावित कर सकता है। यही कारण है कि ऐसे मामलों में वित्तीय अनियमितता और प्रक्रियात्मक उल्लंघन की जांच को अत्यंत गंभीर माना जाता है।

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