मोहिनी एकादशी पर श्री श्याम धाम में भक्ति का महासंगम, स्थापना दिवस भी धूमधाम से मनाया
मोहिनी एकादशी पर श्री श्याम धाम में भक्ति का महासंगम, स्थापना दिवस भी धूमधाम से मनाया
बीकानेर। इस वर्ष शुक्ल पक्ष की मोहिनी एकादशी का पावन पर्व श्री श्याम धाम बीकानेर के लिए विशेष संयोग लेकर आया। सोमवार, 27 अप्रैल को एक ओर भगवान विष्णु के मोहिनी अवतार की पूजा-अर्चना की गई, वहीं खाटू श्याम मंदिर का 19वां स्थापना दिवस भी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया।
उल्लेखनीय है कि 27 अप्रैल 2007 को भाईजी श्री जगन्नाथ जिंदल ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर श्याम बाबा की पावन मूर्ति की स्थापना की थी। तभी से यह दिन मंदिर के प्रकटोत्सव और स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष यह विशेष संयोग मोहिनी एकादशी के साथ बनने से श्रद्धालुओं में उत्साह और अधिक देखने को मिला।
इस पावन अवसर पर मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया। दिल्ली से मंगाए गए विशेष फूलों से बाबा का आकर्षक एवं मनमोहक श्रृंगार किया गया। मंदिर परिसर में रंग-बिरंगी रोशनी और निज मंदिर हॉल की सुंदर सजावट ने पूरे धाम को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया।
भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की गईं। दरबार को वातानुकूलित किया गया, जिससे श्रद्धालु आराम से बैठकर बाबा के दर्शन और भजन-कीर्तन का आनंद ले सकें। भीषण गर्मी को देखते हुए श्याम परिवार द्वारा श्रद्धालुओं के लिए ठंडी मीठी दही की लस्सी की सेवा पूरे दिन प्रसाद स्वरूप उपलब्ध कराई गई। साथ ही, इस अवसर पर आने वाले भक्तों के लिए ठंडे पानी की भी विशेष व्यवस्था की गई, जिससे उन्हें गर्मी से राहत मिली।
मंदिर स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में बाबा के भक्तों ने भजन-कीर्तन के माध्यम से पूरे वातावरण को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। “हारे के सहारे की जय”, “मांगो उसी से जो दे दे खुशी से, फिर ना कहे किसी से” और “बाबा है बड़ा दयालु” जैसे भजनों की गूंज से पूरा धाम गूंज उठा। इन भावपूर्ण भजनों के बीच कई भक्तों की आंखों से आंसुओं की धारा बह निकली और वे भक्ति भाव में लीन नजर आए।
प्रशासन की गर्मी संबंधी चेतावनी को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रबंधन ने अतिरिक्त सावधानियां बरतीं। मंदिर के मुख्य द्वार से लेकर सीढ़ियों तक टेंट लगाए गए और धूप से बचाव के लिए टीन शेड की व्यवस्था की गई, ताकि दर्शनार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
धार्मिक मान्यता के अनुसार मोहिनी एकादशी का व्रत रखने से पापों का नाश होता है, मोह से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है। इस प्रकार इस वर्ष श्री श्याम धाम बीकानेर में यह पर्व आस्था, सेवा और उत्सव का अद्भुत संगम बन गया, जहां बड़ी संख्या में भक्तों ने पहुंचकर बाबा श्याम के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
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