अमेरिका-ईरान: दुनिया में संकट के बादल छंटने की उम्मीद, ट्रंप ने तय की डेड लाइन, पढ़ें खबर
खुलासा न्यूज,नेटवर्क। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच जल्द ही सुलह की खबर सामने आ सकती है। खबरें निकलकर सामने आ रही है कि अमेरिका और ईरान के बीच अब समझौते को लेकर फाइनल ड्राफ्ट लगभग तैयार है और कभी भी समझौते पर हस्ताक्ष किए जा सकते हैं। वहीं दूसरी और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बीच आज होर्मुज स्ट्रेट के हालात को लेकर फोन पर बात हुई।
रुबियो ने कहा कि इस रास्ते से गुजरने वाले सभी कारोबारी जहाज अमेरिकी सेना के निर्देशों का तुरंत पालन करें, ताकि इलाके में शांति और सुरक्षा बनी रहे। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी नाकाबंदी तोडऩे या ईरानी तेल ले जाने वाले जहाजों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं जयशंकर ने अमेरिकी नौसेना के हमलों पर भारत का कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि इन हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत हुई है और व्यापारिक जहाजों पर इस तरह की जानलेवा कार्रवाई बिल्कुल स्वीकार नहीं की जा सकती।
समझौते को लेकर भी दोनो देश लगातार नजर बनाए हुए हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि दोनों देश डील के पहले से कहीं ज्यादा करीब पहुंच चुके हैं। तेहरान ने कहा कि 14 जून को जिनेवा में समझौते पर हस्ताक्षर होने की खबरें गलत हैं, अभी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट से निकल रहे भारतीय जहाजों को ईरान की तरफ से निशाना बनाने की कोशिश की गई, जिसे नाकाम कर दिया गया। ईरानी सेना के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उनकी अनुमति के बिना कोई जहाज स्ट्रेट में प्रवेश नहीं कर सकता।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान के साथ रविवार को शांति समझौते पर हस्ताक्षर होने वाले हैं। इसके तुरंत बाद होर्मुज स्ट्रेट सभी जहाजों के लिए खोल दिया जाएगा।
ट्रम्प ने यह भी कहा कि इस समझौते के तहत अमेरिका ईरान को कोई पैसा नहीं देगा। उन्होंने ओबामा प्रशासन पर आरोप लगाया कि उसने ईरान को अरबों डॉलर दिए थे, जिनमें 1.7 अरब डॉलर नकद भी शामिल थे।
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