Khulasa Online
TM Jewellers
Breaking
• बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश

इस वजह से अटक गया बीकानेर का पहला आरओबी-आरयूबी प्रोजेक्ट, पढ़ें ये खबर

rk
1 month ago
इस वजह से अटक गया बीकानेर का पहला आरओबी-आरयूबी प्रोजेक्ट, पढ़ें ये खबर

इस वजह से अटक गया बीकानेर का पहला आरओबी-आरयूबी प्रोजेक्ट, पढ़ें ये खबर 
बीकानेर। शहर के यातायात को सुगम बनाने के लिए नौ साल पहले बुना गया लालगढ़ रेलवे क्रॉसिंग का सपना अब अपने अंतिम पड़ाव पर आकर सिस्टम की फाइल में उलझ गया है। बीकानेर का यह अपनी तरह का पहला प्रोजेक्ट है, जहां एक ही पॉइंट पर ओवरब्रिज (आरओबी) और अंडरपास (आरयूबी) दोनों की सुविधा मिलेगी। ओवरब्रिज का निर्माण कार्य तो लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन अंडरपास को लेकर रेलवे से मिलने वाली ब्लॉक की अनुमति ने इस पूरे प्रोजेक्ट की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। एक महीने से रेलवे की अनुमति का इंतजार है।

लालगढ़ रेलवे क्रॉसिंग पर आरयूबी के बॉक्स डालने के लिए रेलवे ट्रैक के नीचे खुदाई और स्ट्रक्चर फिक्सिंग का काम होना है। इसके लिए करीब 10 घंटे के ट्रैफिक ब्लॉक (रेल यातायात रोकने) की आवश्यकता है। निर्माण एजेंसी ने रेलवे प्रशासन को एक महीने पहले ही इस संबंध में पत्र भेजकर अनुमति मांगी थी, लेकिन रेलवे की ओर से अब तक हरी झंडी नहीं मिली है।

ब्लॉक 26 आरयूबी के बॉक्स तैयार हैं, लेकिन जब तक पटरी के नीचे का काम पूरा नहीं होता, तब तक इस प्रोजेक्ट को जनता के लिए खोलना मुमकिन नहीं है। भले ही ओवरब्रिज का ढांचा खड़ा हो गया हो, लेकिन अभी भी धरातल पर कई छोटे-बड़े काम शेष हैं। पेंटिंग और सौंदर्यीकरण का कार्य, रोड सेफ्टी के लिए साइन बोर्ड और मार्किंग, स्ट्रीट लाइटिंग का इंस्टॉलेशन, ऊपरी सतह पर डामरीकरण (कोलतार बिछाने) का काम बाकी है। तकनीकी के सा​थ सरकार का रुख भी नरम नहीं है। रुडसिको से लगभग 16.41 करोड़ रुपये की राशि मिलना अभी बाकी है। फंड की कमी और तकनीकी स्वीकृतियों के बीच यह प्रोजेक्ट 2017 से अब तक (9 साल) कछुआ चाल से चल रहा है।

Sanskar
BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: