Khulasa Online
TM Jewellers
Breaking
• बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश

कैप्चा जॉब के नाम पर साइबर ठगी का जाल, घर बैठे कमाई का सपना बन रहा खतरा

rk
4 months ago
कैप्चा जॉब के नाम पर साइबर ठगी का जाल, घर बैठे कमाई का सपना बन रहा खतरा

कैप्चा जॉब के नाम पर साइबर ठगी का जाल, घर बैठे कमाई का सपना बन रहा खतरा

जयपुर।  कैप्चा जॉब के नाम पर ठगी, घर बैठे कमाई का सपना बन रहा जाल, अब राजस्थान पुलिस की बड़ी चेतावनी। घर बैठे आसान कमाई की तलाश कर रहे युवाओं, विद्यार्थियों और गृहणियों के लिए कैप्चा भरने की ऑनलाइन नौकरी अब खतरे की घंटी बन चुकी है। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट ने एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है, जिसमें ठग कैप्चा सॉल्विंग जॉब का लालच देकर लोगों के बैंक खाते खाली कर रहे हैं। पुलिस ने इसे तेजी से फैल रहा साइबर ट्रेंड बताते हुए आमजन को सतर्क रहने की सलाह दी है। उप महानिरीक्षक पुलिस साइबर क्राइम विकास शर्मा के अनुसार, जालसाज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर आकर्षक विज्ञापन डालते हैं। इनमें दावा किया जाता है कि घर बैठे केवल कैप्चा कोड टाइप कर हर महीने 20 से 30 हजार रुपए तक कमाए जा सकते हैं। कम मेहनत और ज्यादा कमाई का लालच बेरोजगार युवाओं और जरूरतमंद लोगों को जल्दी फंसा लेता है।

 

जैसे ही कोई व्यक्ति संपर्क करता है, उसे प्रोफेशनल दिखने वाला फर्जी जॉब एग्रीमेंट और कंपनी प्रोफाइल भेजी जाती है, ताकि सब कुछ असली लगे। इसके बाद रजिस्ट्रेशन फीस, ट्रेनिंग चार्ज, सॉफ्टवेयर इंस्टॉलेशन फीस या सिक्योरिटी डिपॉजिट के नाम पर हजारों रुपये जमा करवा लिए जाते हैं। कई बार फर्जी पहचान पत्र और नकली ऑफिस एड्रेस भी साझा किए जाते हैं। पैसे मिलने के बाद ठग एक पोर्टल का एक्सेस देते हैं, जहां कम समय में हजारों कैप्चा भरने का असंभव टार्गेट दिया जाता है। जब पीड़ित मेहनत का भुगतान मांगता है, तो गलतियों का बहाना बनाकर पैसे देने से मना कर दिया जाता है। फिर प्रोसेसिंग फीस या टैक्स के नाम पर और राशि मांगी जाती है। अंत में ठग मोबाइल बंद कर गायब हो जाते हैं।

Sanskar
BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Tags: #bikaner
Share: