श्री नागणेची जी माता मंदिर की बदहाल व्यवस्थाओं के विरोध में श्रद्धालुओं का प्रदर्शन, लिफ्ट चालू कराने और जीर्णोद्धार की उठाई मांग
श्री नागणेची जी माता मंदिर की बदहाल व्यवस्थाओं के विरोध में श्रद्धालुओं का प्रदर्शन, लिफ्ट चालू कराने और जीर्णोद्धार की उठाई मांग
बीकानेर के प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक श्री नागणेची जी माता मंदिर की लिफ्ट लंबे समय से बंद होने, मंदिर परिसर की जर्जर स्थिति तथा वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग जनों एवं हार्ट मरीजों को हो रही भारी असुविधा के विरोध में आज श्रद्धालुओं एवं वरिष्ठ नागरिकों ने जिला कलेक्टर कार्यालय के समक्ष शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के पश्चात जिला कलेक्टर एवं देवस्थान विभाग के अधिकारियों को विस्तृत ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई।
ज्ञापन में बताया गया कि मंदिर की लिफ्ट लंबे समय से खराब होने के कारण बुजुर्ग, दिव्यांग, घुटनों के दर्द से पीड़ित श्रद्धालु एवं हार्ट पेशेंट ऊंचाई पर स्थित निज मंदिर तक जाकर माता के दर्शन करने में असमर्थ हैं। कई श्रद्धालुओं को बिना दर्शन किए ही लौटना पड़ रहा है, जिससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं।
इसके अतिरिक्त मंदिर की छत से वर्षा के दौरान पानी टपकने, महादेव मंदिर, चामुंडा माता मंदिर एवं बरामदों के जर्जर होने सहित पूरे मंदिर परिसर के रखरखाव की स्थिति भी अत्यंत चिंताजनक है। श्रद्धालुओं ने इसे जनसुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए तत्काल तकनीकी निरीक्षण एवं जीर्णोद्धार कार्य कराने की मांग की।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से मंदिर की लिफ्ट तत्काल चालू कराने, नियमित रखरखाव की व्यवस्था करने, वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगजनों के लिए रैंप का निर्माण कराने, मंदिर परिसर एवं अन्य जर्जर भवनों का जीर्णोद्धार कराने, श्रद्धालुओं की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने तथा मंदिर के विकास के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराने की मांग की गई।
ज्ञापन एवं प्रदर्शन में प्रमुख रूप से हनुमान प्रसाद शर्मा (एडवोकेट), दौलत सिंह राठौड़, प्रेम वशिष्ठ, पवन चांडक, एडवोकेट नीतू जैन, हेमंत जैन, राम किशन दुबे, कैलाश सियाग, नेमचंद्र नाई, महेश बावेचा, ओ.पी. व्यास, दिनेश लखोटिया, महेंद्र सिंह, एस.एस. शर्मा, संजय भार्गव, कृष्ण भटनागर, प्रेम सोनगरा, राजेश पंडित सहित बड़ी संख्या में समस्त श्री नागणेची जी माता के भक्तगण एवं वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे।
श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की कि धार्मिक आस्था, जनहित तथा वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी मांगों पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाए।
श्रद्धालुओं ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही लिफ्ट चालू करने एवं मंदिर के जीर्णोद्धार संबंधी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो वे लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण जन आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन एवं संबंधित विभाग की होगी।
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