Khulasa Online
Breaking
• बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bansal Group
Bharti

अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सम्मेलन में डॉ. श्वेत गोस्वामी ने दिया प्रभावशाली मुख्य वक्तव्य

rk
1 month ago
अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सम्मेलन में डॉ. श्वेत गोस्वामी ने दिया प्रभावशाली मुख्य वक्तव्य

अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सम्मेलन में डॉ. श्वेत गोस्वामी ने दिया प्रभावशाली मुख्य वक्तव्य

बीकानेर। बेसिक पीजी कॉलेज एवं महाराजा गंगासिंह यूनिवर्सिटी, बीकानेर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “21वीं सदी में समग्र विकास : विज्ञान, समाज और सतत विकास का एकीकरण” विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में सिंथेसिस संस्थान की ओर से अकादमिक निदेशक और शिक्षाविद् डॉ. श्वेत गोस्वामी ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधार्थियों एवं प्रबुद्धजनों को संबोधित किया।

अपने उद्बोधन में डॉ. गोस्वामी ने कहा कि वर्तमान समय में केवल अंक, डिग्री या नौकरी ही सफलता का मापदंड नहीं है, बल्कि विद्यार्थी का ज्ञान, चरित्र, कौशल, मानसिक संतुलन, सामाजिक चेतना और नवाचारी दृष्टिकोण ही वास्तविक विकास का आधार है। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा पास कराना नहीं, बल्कि जीवन के लिए तैयार करना होना चाहिए।

समग्र विकास को सरल उदाहरण से समझाते हुए उन्होंने कहा कि जीवन एक पेड़ की तरह है, जिसमें जड़ें समाज, संस्कार और मूल्य हैं, तना विज्ञान, शिक्षा और ज्ञान है, तथा फल-पत्तियाँ सतत विकास, समृद्धि और सुरक्षित भविष्य हैं। यदि जड़ें मजबूत होंगी तो व्यक्तित्व मजबूत होगा, यदि ज्ञान मजबूत होगा तो प्रगति होगी और यदि पर्यावरण सुरक्षित होगा तो भविष्य सुरक्षित रहेगा।

उन्होंने विद्यार्थियों को IQ, EQ और SQ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के छात्र केवल बुद्धिमान ही नहीं, बल्कि भावनात्मक रूप से संतुलित, अनुशासित और जीवन मूल्यों से युक्त होने चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के साथ-साथ मानसिक मजबूती और सकारात्मक सोच भी उतनी ही आवश्यक है।

NEET एवं JEE विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए डॉ. गोस्वामी ने कहा कि छात्र केवल चयन तक सीमित न रहें, बल्कि समाजहित में कार्य करने वाले संवेदनशील डॉक्टर, नवाचारी इंजीनियर और जिम्मेदार नागरिक बनने का लक्ष्य रखें। उन्होंने विद्यार्थियों को समय प्रबंधन, अनुशासन, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास अपनाने की प्रेरणा दी।

नई शिक्षा नीति 2020 पर अपने विचार रखते हुए उन्होंने कहा कि यह नीति बहुविषयी शिक्षा, कौशल विकास, आलोचनात्मक चिंतन, भारतीय ज्ञान परंपरा और नवाचार को बढ़ावा देती है। आने वाले समय में वही विद्यार्थी आगे बढ़ेंगे जो एक विषय तक सीमित न रहकर बहुआयामी सोच विकसित करेंगे।

 

अपने संबोधन में उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को भी शिक्षा से जोड़ते हुए विद्यार्थियों से पानी बचाने, बिजली बचाने, वृक्ष लगाने, प्लास्टिक कम करने तथा स्वच्छ ऊर्जा अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल बड़े कार्यों से नहीं, बल्कि छोटी जिम्मेदार आदतों से प्रारंभ होता है।

Sanskar
BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: