Khulasa Online
TM Jewellers
Breaking
• बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश

बीकानेर में होली आज शाम 6:36 बजे से रात 9 बजे तक होलिका दहन करना होगा सबसे श्रेष्ठ

rk
3 months ago
बीकानेर में होली आज शाम 6:36 बजे से रात 9 बजे तक होलिका दहन करना होगा सबसे श्रेष्ठ


बीकानेर में होली आज शाम 6:36 बजे से रात 9 बजे तक होलिका दहन करना होगा सबसे श्रेष्ठ
बीकानेर।  बीकानेर में सोमवार को दिनभर में बहनें कभी भी अपने भाइयों पर माला घोल सकती है, लेकिन होलिका दहन का मुहुर्त शाम को 6.36 बजे से ही शुरू होगा। बीकानेर के ज्योतिषाचार्य और वेद विद्वान दो को होली मनाने और तीन मार्च को धुलंडी रहेगी।
ज्योतिषाचार्य हरिनारायण व्यास मन्नासा ने बताया कि होलिका दहन फाल्गुन शुक्ल की प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा को भद्रा रहित काल में करना शास्त्र सम्मत है। इस वर्ष फाल्गुन चतुर्दशी सोमवार को शाम 5.56 बजे तक है। उसके बाद पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ हो जाएगी। जो तीन मार्च को शाम 5.08 बजे तक रहेगी।
प्रदोष काल में पूर्णिमा होने से दो मार्च को ही होलिका दहन किया जाएगा। इस दिन भद्रा शाम 5.56 बजे से देर रात 5.29 बजे तक रहेगी। जो सर्वथा ताज्य है। दो मार्च को शाम 6.36 बजे से रात नौ बजे तक होलिका दहन करना श्रेष्ठ बताया गया है। भद्रा पुच्छ काल रात 12.51 बजे से मध्य रात्रि 2.01 बजे तक रहेगा। होलिका दहन इस समय के बीच में भी किया जा सकता है।
पंडित राजेंद्र किराडू का कहना है कि होली दो मार्च को और धुलंडी तीन मार्च को रहेगी। उन्होंने तीन तरह का विधान है। इसमें प्रदोष काल, भद्रा का पुच्छ काल और भद्रा की समाप्ति का है। तीनों ही समय में होलिका दहन हो सकता है। देश के सभी पंचांगों में तीन मार्च को ही धुलंडी रहेगी।

Sanskar
BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: