Khulasa Online
TM Jewellers
Breaking
• बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश

PHC में लापरवाही: डॉक्टर नहीं मिले तो अस्पताल परिसर में खुले में प्रसव, वीडियो वायरल

rk
3 months ago
PHC में लापरवाही: डॉक्टर नहीं मिले तो अस्पताल परिसर में खुले में प्रसव, वीडियो वायरल
PHC में लापरवाही: डॉक्टर नहीं मिले तो अस्पताल परिसर में खुले में प्रसव, वीडियो वायरल
 
खुलासा। बीकानेर जिले के नोखा क्षेत्र में चिकित्सा व्यवस्था की लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। भादला गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में बुधवार दोपहर एक प्रसूता को डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ नहीं मिलने के कारण अस्पताल परिसर में ही खुले में नवजात को जन्म देना पड़ा। घटना के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं और इस पूरे मामले के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
 
प्रसूता के परिजनों का आरोप है कि जब वे महिला को अस्पताल लेकर पहुंचे तो अस्पताल का गेट बंद था और वहां कोई डॉक्टर या नर्सिंग कर्मी मौजूद नहीं था। प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला की स्थिति को देखते हुए उसके साथ आई अन्य महिलाओं ने चद्दर की ओट में ही अस्पताल परिसर में उसका प्रसव करवाया। इस दौरान परिसर में खून भी फैल गया और वहां मौजूद लोगों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया।
 
ग्रामीणों का कहना है कि भादला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अक्सर डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ समय पर मौजूद नहीं रहते हैं। जब महिला को अस्पताल लाया गया, तब वहां सिर्फ एक कंप्यूटर ऑपरेटर दिखाई दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल की अव्यवस्थाओं की शिकायत कई बार जिम्मेदार अधिकारियों को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिसके कारण कर्मचारियों की लापरवाही लगातार बढ़ती जा रही है।
 
खुले में प्रसव होने के बाद ग्रामीणों ने किसी तरह महिला और नवजात को अस्पताल के वार्ड में पहुंचाया। घटना के बाद गांव में आक्रोश का माहौल है और ग्रामीणों ने अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था सुधारने तथा लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार प्रसूता की पहचान भादला गांव निवासी 35 वर्षीय सुमन पत्नी किस्तूरा राम मेघवाल के रूप में हुई है।

Sanskar
BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: