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पीबीएम अस्पताल में  डिलीवरी के बाद 5 महिलाओं की तबीयत बिगड़ी, हुई किडनी फेल, मचा हडक़ंप

rk
6 hours ago
पीबीएम अस्पताल में  डिलीवरी के बाद 5 महिलाओं की तबीयत बिगड़ी, हुई किडनी फेल, मचा हडक़ंप


पीबीएम अस्पताल में  डिलीवरी के बाद 5 महिलाओं की तबीयत बिगड़ी, हुई किडनी फेल, मचा हडक़ंप


बीकानेर।   बीकानेर के पीबीएम  हॉस्पिटल में डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। महीनेभर पहले कोटा में सिजेरियन डिलीवरी के बाद किडनी फेल होने से 5 महिलाओं (प्रसूताओं) की मौत हो गई थी। कई अन्य महिलाओं की गंभीर स्थिति में दूसरे प्राइवेट हॉस्पिटल में शिफ्ट करना पड़ा था। इसी तरह बीकानेर में  डिलीवरी के बाद एक-एक कर 5 महिलाओं की हालत बिगड़ गई। उनकी किडनी फेल हो गई। इन मरीजों की डायलिसिस की जा रही है। सभी को आईसीयू में शिफ्ट किया गया है। फलोदी की रहने वाली प्रीति (20) वेंटिलेटर पर हैं। सभी महिलाओं की उम्र 20 से 27 साल के बीच है।अस्पताल प्रशासन और डॉक्टर्स शुरुआत में इस पूरे मामले को दबाने और छिपाने का प्रयास करते नजर आए, लेकिन पीडि़त महिलाओं की गंभीर होती स्थिति ने पूरे सिस्टम की पोल खोल दी है।
अचानक बिगडऩे लगी तबीयत 10 से 15 दिन पहले की बात है। पीबीएम हॉस्पिटल के जनाना विंग में सी-सेक्शन सर्जरी के बाद प्रसूताओं की तबीयत अचानक बिगडऩे लगी थी। उन्हें पेशाब (यूरिन) रुकने, किडनी फेल होने और प्लेटलेट्स गिरने जैसी समस्याएं हुईं। ॥ डॉ. संतोष खजोतिया का कहना है कि किडनी फेल होने का कारण सिर्फ इन्फेक्शन नहीं है। अधिक ब्लीडिंग भी इसका कारण हो सकती है। मामले की जांच की जा रही है।
लापरवाही आई थी सामने
कोटा मेडिकल कॉलेज में हुई लापरवाही की जांच एम्स दिल्ली को सौंप दी गई थी। रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि कोटा में प्रसूताओं को ब्लीडिंग रोकने के लिए दिए गए ऑक्सीटोसिन इंजेक्शनों में जरूरी घटक नहीं पाए गए थे। इसके बाद राजस्थान ड्रग विभाग की शिकायत पर अमृतसर की कंपनी का लाइसेंस रद्द कर दिया गया था।
इन महिलाओं की बिगड़ी तबीयत
तारा देवी (27) : एक्यूट किडनी इंजरी , खून की कमी, फेफड़ों के बाहर पानी भरना, पोटैशियम का स्तर बढऩा।
शारदा (26) : एक्यूट किडनी इंजरी, प्लेटलेट्स की समस्या, शरीर में खून के थक्के नहीं बनना।
राहिला (19): डिलीवरी के बाद ब्लीडिंग, प्लेटलेट्स कम होना, इन्फेक्शन, एक्यूट किडनी इंजरी, मल्टीपल ऑर्गन डिस्फंक्शन।
इमरती (20): मल्टीपल ऑर्गन डिस्फंक्शन, खून में गंभीर इन्फेक्शन, एक्यूट किडनी इंजरी।
प्रीति (20): हाई बीपी के कारण डिलीवरी के बाद दौरे पडऩा, फेफड़ों में समस्या, एक्यूट किडनी इंजरी, हेल्प सिंड्रोम का संदेह, खून की कमी और ऑक्सीजन की कमी से दिमाग पर असर होने की आशंका। बीकानेर के आईसीयू हॉस्पिटल में भर्ती 20 साल की प्रीति की यह ट्रीटमेंट शीट है। सिजेरियन डिलीवरी के बाद उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है।
हॉस्पिटल में जल्द ही इन्फेक्शन डिटेक्टर मशीन लगाई जाएगी एसपी मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. सुरेंद्र वर्मा ने बताया- एक्यूट किडनी इंजरी के कई कारण हो सकते हैं। आईसीयू में भर्ती सभी मरीजों की स्थिति स्थिर है। ओटी में इन्फेक्शन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसके लिए हम इन्फेक्शन डिटेक्टर लगाने जा रहे हैं। यह मात्र 90 सेकेंड में इन्फेक्शन का पता लगा सकता है। प्रोफेसर (नेफ्रोलॉजी) जितेंद्र फलौदिया ने बताया- 5 में से एक महिला हेल्प सिंड्रोम के कारण वेंटिलेटर पर है। हॉस्पिटल में इन्फेक्शन की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल जांच की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही सही कारणों का पता चल सकेगा।

Sanskar
BC

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