Khulasa Online
TM Jewellers
Breaking
• बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश

पीबीएम ट्रॉमा सेंटर को इतने लाख की सौगात, ये क्लिनिक होगा आधुनिक

rk
3 weeks ago
पीबीएम ट्रॉमा सेंटर को इतने लाख की सौगात, ये क्लिनिक होगा आधुनिक

पीबीएम ट्रॉमा सेंटर को इतने लाख की सौगात, ये क्लिनिक होगा आधुनिक

बीकानेर।  पीबीएम राजकीय अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर स्थित ओबीआरसी (ऑर्थोबायोलॉजिकल रिसर्च क्लिनिक) के विकास के लिए 15 लाख रुपए की वित्तीय स्वीकृति मिलने से स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ा संबल मिला है। यह राशि क्लिनिक में आधारभूत संरचना मजबूत करने और आधुनिक सुविधाएं बढ़ाने के लिए खर्च की जाएगी। स्वीकृत बजट के तहत क्लिनिक में निर्माण कार्य, अत्याधुनिक उपकरणों की खरीद, फर्नीचर, बिजली फिटिंग और लॉजिस्टिक्स सहित कई जरूरी विकास कार्य किए जाएंगे।

इस परियोजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सार्वजनिक निर्माण विभाग को सौंपी गई है। ट्रॉमा सेंटर इंचार्ज डॉ. बी.एल. खजोटिया  और ओबीआरसी क्लिनिक प्रभारी डॉ. अजय कपूर ने इस स्वीकृति के लिए सरकार का आभार जताया। डॉ. कपूर ने बताया कि इस क्लिनिक में पहले से ही प्रदेश के विभिन्न जिलों से मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं और उपचार के परिणाम उत्साहजनक रहे हैं।

अब नई सुविधाओं के जुड़ने से मरीजों को और बेहतर एवं आधुनिक इलाज उपलब्ध हो सकेगा। गौरतलब है कि प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सबसे पहले बीकानेर में इस तरह का ओबीआरसी क्लिनिक स्थापित किया गया था। यहां ऑर्थोपेडिक और बायोलॉजिकल रिसर्च से जुड़े उपचार किए जाते हैं, जो गंभीर चोट और हड्डियों से जुड़ी समस्याओं के इलाज में सहायक होते हैं। इस विकास कार्य से न केवल मरीजों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं मिलेंगी, बल्कि शोध गतिविधियों को भी गति मिलेगी, जिससे भविष्य में नई उपचार पद्धतियों के विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी।

Sanskar
BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: