Khulasa Online
TM Jewellers
Breaking
• बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश

शुष्क मौसम के बीच बन रहा नया परिसंचरण तंत्र, जानें आगे कैसा रहेगा मौसम

rk
4 months ago
शुष्क मौसम के बीच बन रहा नया परिसंचरण तंत्र, जानें आगे कैसा रहेगा मौसम

 शुष्क मौसम के बीच बन रहा नया परिसंचरण तंत्र, जानें आगे कैसा रहेगा मौसम 

 राजस्थान के मौसम में एक बार फिर बदलाव की आहट सुनाई दे रही है। प्रदेश में कड़ाके की ठंड के बीच अब आगामी कुछ दिनों तक मौसम के मिजाज में स्थिरता और फिर आंशिक बदलाव देखने को मिलेगा। जयपुर मौसम केंद्र की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में अगले चार दिनों तक मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों तक शुष्क मौसम रहने के कारण न्यूनतम और अधिकतम तापमान में किसी बड़े उतार-चढ़ाव की संभावना नहीं है।

हालांकि, रात के समय ठंड का असर बरकरार रहेगा। वर्तमान में प्रदेश के कई इलाकों में पारा जमाव बिंदु के करीब बना हुआ है। बीते रविवार की बात करें तो फतेहपुर में रात का पारा सबसे कम 4.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पाली में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस रहा। इससे साफ है कि ग्रामीण और खुले इलाकों में अभी भी ठिठुरन बनी हुई है। आगामी दिनों के पूर्वानुमान को देखते हुए मौसम वैज्ञानिकों ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही एक कमजोर परिसंचरण तंत्र (Circulation System) विकसित होने की संभावना है। इस सिस्टम के असर से राज्य के कई जिलों में बादलों की आवाजाही शुरू होगी। बादलों के छाने के कारण 'ट्रैपिंग इफेक्ट' की वजह से न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। हालांकि, यह तंत्र कमजोर है, इसलिए भारी बारिश या ओलावृष्टि की संभावना फिलहाल नहीं जताई गई है।

Sanskar
BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Tags: #bikaner
Share: