थानाधिकारी बदलते रहे, दीवारों पर पुराना बीट चार्ट, पुलिस व्यवस्था से आमजन भ्रमित
थानाधिकारी बदलते रहे, दीवारों पर पुराना बीट चार्ट, पुलिस व्यवस्था से आमजन भ्रमित
बीकानेर(शिव भादाणी ) आमजन की सहायता के लिए शहर की दिवारों पर थाने के थानाधिकारी व बीट कांस्टेबल के नंबर अंकित किया गये है जिससे की कभी भी कोई आवश्यकता पडऩे पर पुलिस को फोन कर सके। अगर देखा जाये तो कोतवाली थाने में 48 बीट कांस्टेबल है। जिनके नाम व थानाधिकारी का नाम किसी भी दिवार पर नहीं है। अभी थानाधिकारी सविता डाल है तो बड़ा बाजार व शीतलगेट के बीट कांस्टेबल विजय, महेन्द्र है। लेकिन मजे की बात है शीतलागेट चौकी पर ही है अभी भी थानाधिकारी परमेश्वर सुथार व बीट इंचार्ज सुरेश कुमार नाम अंकित है। जबकि कई बार थानाधिकारी बदल गए है। कुछ स्थानों पर लिखी बीट संबंधित सूचना पर पुताई तक कर दी गई है। शहर की गली-मोहल्लों व प्रमुख स्थानों की दीवारों पर वर्षों पुराना बीट चार्ट ही नजर आ रहा है। उसमें अंकित बीट कांस्टेबल व अन्य अधिकारी पदोन्नत होकर अन्य जगहों पर जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। ऐसे में बीट कांस्टेबल प्रणाली की उपयोगिता पर सवालिया निशान लग रहा है।
उद्देश्य : सूचना तंत्र को मजबूत करना
अपराधिक गतिविधियों की रोकथाम और सूचना तंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से वर्षों पूर्व बीट कांस्टेबल प्रणाली लागू की गई थी। प्रत्येक थानों के गली-मोहल्लों की बीट बनाकर प्रत्येक कांस्टेबल को उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। दीवारों पर बीट कांस्टेबल का नाम, मोबाइल नम्बर, संबंधित पुलिस स्टेशन का नाम व सीयूजी मोबाइल नम्बर और थानाधिकारी का नाम व मोबाइल नम्बर लिखे गए थे, ताकि कोई घटना होने पर आस-पास मौजूद व्यक्ति बीट चार्ट की मदद से पुलिस को तुरंत सूचित कर सके।
अधिकांश पदोन्नत, तबादलों को वर्ष बीते
बीकानेर शहर में अधिकांश क्षेत्रों की दीवारों पर बीट चार्ट संबंधी सूचनाएं पुरानी हो चुकी हैं। बीट कांस्टेबल ही नहीं बल्कि थाना प्रभारी व अन्य अधिकारी बदल चुके हैं। कइयों की पदोन्नति हो चुकी है और वे अन्य थानों में पदस्थापित हैं। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति इनसे सम्पर्क करते हैं तो कार्रवाई नहीं हो पाती है। इस लापरवाही से आम जनता को सही पुलिस अधिकारी से संपर्क करने में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
आमजन हो रहे भ्रमित
जागरूक नागरिकों ने बताया कि शहर के कई क्षेत्रों में थानेदार व बीट कांस्टेबल के पुराने नाम लिखे हैं, जिससे लोग भ्रमित हो रहे हैं। साथ ही शिकायत दर्ज कराने और सूचना देने में देरी होती है। कई जगह लिखी गई सूचना हटा दी गई है।
प्रशासनिक निर्देशों की अवहेलना
पुलिस मुख्यालय की ओर से समय-समय पर बीट प्रणाली को मजबूत करने के लिए बीट कांस्टेबल के कार्यों का पर्यवेक्षण करने के निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर सूचना बोर्डों को अपडेट रखने में कोताही बरती जा रही है।
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