Khulasa Online
TM Jewellers
Breaking
• बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश

राजस्थान विधानसभा में आज ऐतिहासिक दिन, पढ़ें ये खबर

rk
3 months ago
राजस्थान विधानसभा में आज ऐतिहासिक दिन, पढ़ें ये खबर

राजस्थान विधानसभा में आज ऐतिहासिक दिन, पढ़ें ये खबर 

जयपुर।  राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र होली अवकाश के बाद गुरुवार से फिर शुरू होगा। सरकार ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए 'राजस्थान जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक' सदन में पेश करेगी। बता दें कि इसके पारित होने पर विभिन्न अधिनियमों में मामूली उल्लंघन या तकनीकी गलती पर कारावास जैसे आपराधिक दंड हटाकर उनकी जगह आर्थिक दंड का प्रावधान किया जाएगा। यह विधेयक केंद्र के जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम-2023 की तर्ज पर लाया जा रहा है। विधेयक कानून बनने के बाद 11 अधिनियमों से आपराधिक प्रावधान हट जाएंगे। सरकार ने इसे दिसंबर में कैबिनेट की मंजूरी के बाद अध्यादेश के रूप में लागू किया था। अब कानूनी प्रक्रिया के तहत इसे सदन में रखा जाएगा और मंजूरी मिलने पर यह स्थायी रूप से लागू हो जाएगा।

 राजस्थान वन अधिनियम-1953: वन भूमि में अनजाने में मवेशी चराने पर पहले छह महीने तक जेल या 500 रुपए जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान था। अब जेल की सजा हटाकर जुर्माना और वन नुकसान की क्षतिपूर्ति का प्रावधान रहेगा। इससे आदिवासियों और ग्रामीणों को राहत मिलेगी। राजस्थान राज्य सहायता (उद्योग) अधिनियम-1961: सहायता प्राप्त करने वाले उद्योग के प्रभारी पर मामूली प्रक्रियात्मक अपराधों, जैसे कि बहीखाते, खाते या अन्य दस्तावेज निरीक्षण के लिए प्रस्तुत न करने पर कारावास का प्रावधान था, जिसे हटाकर केवल अर्थदंड रखा जाएगा।
 

Sanskar
BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: