Khulasa Online
Breaking
• आज का राशिफल: मेष से लेकर मीन तक, जानें अपना आज का भविष्यफल • भाजपा ने सांसदों के लिए जारी किया व्हिप, 16-18 अप्रैल तक रहना होगा संसद में मौजूद; महिला आरक्षण के लिए विशेष सत्र; पीएम ने पत्र लिखा • नई सरकार को लेकर हलचल तेज : भाजपा ने शिवराज चौहान को बनाया पर्यवेक्षक; सभी विधायकों को यहां बुलाया • आशा ताई के अंतिम दर्शन को पहुंचे सेलेब्स, कल शाम 4 बजे होगा अंतिम संस्कार • होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की नाकाबंदी करेगा अमेरिका, कहा- ईरान को टोल दिया तो रास्ता नहीं मिलेगा; ईरान बोला- टोल देना ही पड़ेगा • आज का राशिफल: मेष से लेकर मीन तक, जानें अपना आज का भविष्यफल • भाजपा ने सांसदों के लिए जारी किया व्हिप, 16-18 अप्रैल तक रहना होगा संसद में मौजूद; महिला आरक्षण के लिए विशेष सत्र; पीएम ने पत्र लिखा • नई सरकार को लेकर हलचल तेज : भाजपा ने शिवराज चौहान को बनाया पर्यवेक्षक; सभी विधायकों को यहां बुलाया • आशा ताई के अंतिम दर्शन को पहुंचे सेलेब्स, कल शाम 4 बजे होगा अंतिम संस्कार • होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की नाकाबंदी करेगा अमेरिका, कहा- ईरान को टोल दिया तो रास्ता नहीं मिलेगा; ईरान बोला- टोल देना ही पड़ेगा
Arham School
sukhajan
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bansal Group
Bharti
mali sani samaj

बीकानेर: नगद नारायण कैंडी/टॉफी पर दो माह का प्रतिबंध, अधिक सिंथेटिक रंग पाए गए

rk
9 hours ago
बीकानेर: नगद नारायण कैंडी/टॉफी पर दो माह का प्रतिबंध, अधिक सिंथेटिक रंग पाए गए
बीकानेर: नगद नारायण कैंडी/टॉफी पर दो माह का प्रतिबंध, अधिक सिंथेटिक रंग पाए गए
 
बीकानेर। राजस्थान सरकार के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय ने मैसर्स नगद नारायण फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, बीकानेर द्वारा निर्मित Sugar Boiled Confectionery (नगद नारायण ब्रांड) यानी कैंडी/टॉफी के निर्माण, बिक्री, वितरण, भंडारण और प्रदर्शन पर तत्काल प्रभाव से दो महीने के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश Dr. T. Shubhamangala द्वारा Food Safety and Standards Act, 2006 की धारा 30(2)(a) के तहत जारी किया गया।
 
प्रतिबंध का कारण कंपनी के बैच नंबर 12/2026 के उत्पाद की जांच रिपोर्ट है, जिसे जयपुर स्थित स्टेट सेंट्रल पब्लिक हेल्थ लेबोरेटरी में परीक्षण के लिए भेजा गया था। रिपोर्ट में पाया गया कि उत्पाद में प्रयुक्त सिंथेटिक रंग टार्ट्राजीन और सनसेट येलो निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा में मौजूद थे। इसके अलावा उत्पाद को गलत ब्रांडिंग वाला भी पाया गया, जिसे विभाग ने सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए संभावित खतरा मानते हुए यह कार्रवाई की।
 
विशेषज्ञों के अनुसार टार्ट्राजीन (Yellow 5 या E102) और सनसेट येलो जैसे कृत्रिम रंगों का अधिक सेवन एलर्जी, त्वचा संबंधी समस्याएं, सांस लेने में तकलीफ, उल्टी और अस्थमा जैसी दिक्कतें पैदा कर सकता है। बच्चों में इससे हाइपरएक्टिविटी और ध्यान की कमी जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। लंबे समय तक अधिक मात्रा में सेवन से शरीर के अंगों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका भी जताई गई है।
 
पीबीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया ने भी कहा कि निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा में इन रंगों का उपयोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। वहीं कंपनी के प्रमुख नारायण दास तुलसानी ने सफाई देते हुए कहा कि संबंधित सैंपल निवाई क्षेत्र से लिया गया था और इसकी पुष्टि की जा रही है। उन्होंने बताया कि संभवत: रंग की मात्रा में मामूली मानवीय त्रुटि के कारण उत्पाद असुरक्षित घोषित हुआ है और मामले की जांच जारी है।
 
आदेश के अनुसार यह प्रतिबंध पूरे राजस्थान में लागू रहेगा और दो महीने तक प्रभावी रहेगा।

BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: