भारी वाहनों की फिटनेस जारी नहीं होने से वाहन स्वामी परेशान,वैकल्पिक व्यवस्था लागू करने की मांग
भारी वाहनों की फिटनेस जारी नहीं होने से वाहन स्वामी परेशान,वैकल्पिक व्यवस्था लागू करने की मांग
बीकानेर सहित राजस्थान के सभी एटीएस (Automated Testing Station) फिटनेस सेंटरों पर टिपर , डंपर जैसे भारी वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र जारी नहीं होने से वाहन स्वामी शारीरिक,आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान है। ज्ञात हो कि 15 अप्रैल से बीकानेर रीजन के बीकानेर ओर नोहर जिला परिवहन कार्यालय के क्षेत्राधिकार में नव सृजित दो एटीएस फिटनेस सेंटर शुरू हो जाने के कारण नियमानुसार फिजा के तहत खोले गए सभी प्राइवेट फिटनेस सेंटरों की आईडी परिवहन मुख्यालय द्वारा बंद कर दी गई और सभी श्रेणी के वाहनों की फिटनेस अब ऑन लाइन प्रकिया से टेस्टिंग होने के बाद एटीएस फिटनेस सेंटर से होने लग गई। लेकिन पिछले सात आठ दिनों से टिप्पर ओर डंपर वाहनों की फिटनेस के लिए न तो स्लॉट बुक हो रहे है और न ही ऑन लाइन आवेदन स्वीकार हो पा रहे है।इधर जिला परिवहन कार्यालयों में भी फिटनेस प्रमाण पत्र देना पिछले एक साल से बंद है।
फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं मिलने से वाहन स्वामियों द्वारा अपने वाहन सड़क पर चलाते ही चालान कट रहे है। ओर अपने वाहन घर पर अथवा जिला बॉर्डर पर ही खड़े करने पड़ रहे है।
इस केटेगरी के वाहन की संख्या ज्यादा है तो इनकी फिटनेस फीस जमा नहीं होने से राजस्व का नुकसान भी हो रहा है।
वाहन स्वामी के लिए रोजगार का यह एक मात्र सहारा है और वाहन की फिटनेस नहीं होने से परमिट, टैक्स,स्वामित्व हस्तांतरण के कार्य तो रुके हुए है ही साथ में मॉल ढुलाई भी नहीं कर पा रहे है जिससे वाहन स्वामियों को शारीरिक और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
इस संदर्भ में आज बीकानेर आरटीओ अधिवक्ताओं के शिष्टमंडल एडवोकेट हनुमान प्रसाद शर्मा,पूनमचंद पुनिया,तुलछाराम फ़ूसाराम बनवारी लाल, आदि ने आरटीओ अनिल पंड्या को वाहन स्वामियों के हित में एक ज्ञापन सौंपा जिसमें एटीएस फिटनेस सेंटरों पर टिपर ओर डंपर जैसे वाहनों का फिटनेस प्रमाण पत्र जारी नहीं होने की स्थिति में वाहन स्वामियों के हित में वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर बीकानेर डीटीओ कार्यालय में ही फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने की व्यवस्था करने का अनुरोध किया है।
Join for Latest News
हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ