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ड्राइविंग लाइसेंस के बदले नियम ट्रैफिक रूल तोडऩे वालों का सस्पेंड लाईसेंस अब ट्रेनिंग के बाद ही होगा बहाल

1 week ago
ड्राइविंग लाइसेंस के बदले नियम ट्रैफिक रूल तोडऩे वालों का सस्पेंड लाईसेंस अब ट्रेनिंग के बाद ही होगा बहाल

 

ड्राइविंग लाइसेंस के बदले नियम ट्रैफिक रूल तोडऩे वालों का सस्पेंड लाईसेंस अब ट्रेनिंग के बाद ही होगा बहाल
जयपुर।  सडक़ हादसों में लगातार हो रही मौतों के बीच अब यातायात नियम तोडऩे वाले वाहन चालकों को राहत नहीं मिलेगी। अब तक राजस्थान में गंभीर यातायात अपराध पर चालक का ड्राइविंग लाइसेंस 3 महीने के लिए निलंबित सस्पेंड किया जाता था और अवधि पूरी होते ही वह स्वत: बहाल हो जाता था लेकिन सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय मोर्थ ने इस व्यवस्था में बड़ा बदलाव कर दिया है। अब लाइसेंस अपने आप बहाल नहीं होगा। उसे केंद्रीय पोर्टल सारथी पर ब्लैकलिस्ट रखा जाएगा। लाइसेंस बहाली के लिए चालक को रिफ्रेशर ट्रेनिंग पूरी कर उसका प्रमाणपत्र पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इसके बाद ही संबंधित अधिकारी रिकॉर्ड का सत्यापन करेंगे और नियमों के अनुरूप लाइसेंस को दोबारा सक्रिय किया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नियम तोडऩे वाले चालक दोबारा सडक़ पर उतरने से पहले सुरक्षित ड्राइविंग के नियमों को समझें और उनका पालन करने के लिए तैयार हों।
राजस्थान में ट्रेनिंग की व्यवस्था नहीं
मोटर वाहन नियमों में रिफ्रेशर ट्रेनिंग का प्रावधान साल 2021 में ही जोड़ दिया गया था लेकिन राजस्थान में पिछले 5 वर्षों में इसके लिए न तो अधिकृत ट्रेनिंग सेंटर विकसित किए गए और न ही प्रशिक्षण की कोई स्थायी व्यवस्था बनाई गई। परिणाम यह है कि नई प्रणाली लागू होने के बाद सस्पेंड लाइसेंस वाले चालकों की बहाली का रास्ता ही अटक गया है। अब विभाग वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करने में जुट गया है। परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही ऐसे अधिकृत प्रशिक्षण केंद्र चिन्हित किए जाएंगे, जहां चालकों को सडक़ सुरक्षा, यातायात नियमों और जिम्मेदार ड्राइविंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही प्रशिक्षण प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण जैसी व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है।
इसीलिए नया नियम
नई व्यवस्था का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि नियम तोडऩे वाले चालकों के व्यवहार में सुधार लाना और सडक़ सुरक्षा को मजबूत करना है। मंत्रालय का मानना है कि केवल जुर्माना या अस्थायी निलंबन से आदतन नियम तोडऩे वालों की मानसिकता नहीं बदलती। रिफ्रेशर ट्रेनिंग के दौरान चालकों को तेज रफ्तार, नशे में वाहन चलाने, गलत दिशा में ड्राइविंग, सीट बेल्ट और हेलमेट जैसे सुरक्षा नियमों के महत्व के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।
सडक़ सुरक्षा के लिहाज से रिफ्रेशर ट्रेनिंग के लिए वैकल्पिक व्यवस्था शुरू कर रहे हैं। इसके लिए तैयारी चल रही है।
पुरुषोत्तम शर्मा, आयुक्त, परिवहन विभाग

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