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बीकानेर की हॉट सीट पर बढ़ा मुकाबला, वार्ड 73 में आनंद जोशी बिगाड़ सकते है चुनावी गणित

Bansal
2 weeks ago
बीकानेर की हॉट सीट पर बढ़ा मुकाबला, वार्ड 73 में आनंद जोशी बिगाड़ सकते है चुनावी गणित

बीकानेर की हॉट सीट पर बढ़ा मुकाबला, वार्ड 73 में आनंद जोशी बिगाड़ सकते है चुनावी गणित

बीकानेर।चुनाव के बीच वार्ड 73 की सीट इन दिनों बीकानेर की सबसे चर्चित और हॉट सीटों में शामिल हो गई है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह मानी जा रही है कि यहां कांग्रेस के संभावित मेयर दावेदार अनिल कल्ला के सामने निर्दलीय प्रत्याशी आनंद जोशी ने चुनावी मैदान में उतरकर मुकाबले को रोचक बना दिया है। दोनों ही नेताओं की राजनीतिक पृष्ठभूमि और अपने-अपने समर्थक आधार के चलते वार्ड 73 के नतीजे पर राजनीतिक हलकों की नजरें टिकी हुई हैं। अनिल कल्ला को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री बी.डी. कल्ला के परिवार से जुड़ा होने का राजनीतिक लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। यही कारण है कि कल्ला समर्थक खेमा वार्ड में पूरी ताकत के साथ चुनाव प्रचार में जुटा हुआ है। पार्टी संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं के साथ स्थानीय समर्थक भी मतदाताओं तक पहुंच बनाने में लगे हैं।

दूसरी ओर निर्दलीय प्रत्याशी आनंद जोशी ने चुनाव मैदान में उतरकर कांग्रेस के समीकरणों के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। जोशी को कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में गिना जाता रहा है और वार्ड में उनका अपना राजनीतिक प्रभाव माना जाता है। ऐसे में उनका निर्दलीय चुनाव लड़ना कांग्रेस के लिए अतिरिक्त चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार वार्ड 73 में मुकाबला केवल दो प्रत्याशियों के बीच चुनावी संघर्ष नहीं है, बल्कि इसे स्थानीय स्तर पर राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई के रूप में भी देखा जा रहा है। एक तरफ जहां कल्ला खेमा इस सीट को अपनी प्रतिष्ठा से जोड़कर देख रहा है, वहीं आनंद जोशी के लिए यह चुनाव अपने राजनीतिक प्रभाव और जनाधार को साबित करने का अवसर माना जा रहा है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अनिल कल्ला अपने समर्थकों और कांग्रेस के परंपरागत वोट बैंक के सहारे चुनाव जीतने में सफल होंगे या आनंद जोशी अपने व्यक्तिगत प्रभाव के दम पर चुनावी गणित बदल देंगे। यदि अनिल कल्ला को हार का सामना करना पड़ता है तो इसका सीधा राजनीतिक संदेश यह माना जा सकता है कि आनंद जोशी वार्ड 73 में अपनी ताकत और प्रभाव साबित करने में सफल रहे। वहीं कल्ला की जीत उनके लिए संभावित मेयर दावेदारी को और मजबूत कर सकती है। फिलहाल दोनों खेमों की सक्रियता ने वार्ड 73 के चुनाव को बीकानेर की राजनीति का केंद्र बना दिया है। इस वार्ड में भाजपा की ओर से भी दीपक पारीक पूरे जोश के साथ प्रचार प्रसार में जुटे हुए है। 

BC

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