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महिला चिकित्सक ने पूर्व यूआईटी चेयरमैन के खिलाफ दिया परिवाद, बंधक बनाने और डराने-धमकाने का आरोप, कार्रवाई की मांग

1 month ago
महिला चिकित्सक ने पूर्व यूआईटी चेयरमैन के खिलाफ दिया परिवाद, बंधक बनाने और डराने-धमकाने का आरोप, कार्रवाई की मांग

खुलासा न्यूज,बीकानेर। बीते दिनों कोटगेट क्षेत्र में स्थित सिटी डिस्पेंसरी में हुए बवाल के मामले में महिला चिकित्सक ने कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर कोटगेट थाने में परिवाद सौंपा है। जिसमें पूर्व यूआईटी चेयरमैन मकसूद अहमद व अन्य के खिलाफ परिवाद दिया है।

 

परिवाद देते हुए महिला चिकित्सक ने बताया कि वह सिटी डिस्पेंसरी में पांच वर्षो से कार्यरत है। जहां पर 30 मई को एक महिला अपने दो माह के बच्चे को साथ लेकर उसके इलाज के लिए आई। बच्चा दो माह होने के चलते डिस्पेंसरी में उचित संसाधनों के अभाव में उचित इलाज के लिए पीबीएम ले जाने के लिए कहा।

 

 

जिसके बाद महिला अन्य व्यक्तियों को साथ लेकर आई। इस दौरान पूर्व यूआईटी चेयरमैन मकसूद सहित अन्य ने डिस्पेंसरी में बवाल खड़ा कर दिया। महिला चिकित्सक ने बताया कि लोगो ंने डिस्पेंसरी मेंं जमकर बवाल किया और राजकार्य में बाधा उत्पन्न की। इस दौरान बवाल कर रहे लोगों ने किसी को देखने तक नही दिया। आरोप है कि मकसूद व अन्य ने महिला के साथ अभद्रता की ओर बंधक बनाते हुए कमरे का बंद कर दिया।

 

 

प्रार्थिया के अनुसार मकसूद सहित अन्य ने धमकियां दी कि तेरे को यहां से जाना होगा ओर यह भी कहा कि सीएमएचओ को उठाकर ले आओ। परिवादी के अनुसार बवाल कर रहे लोगों ने डिस्पेंसरी में जमकर हंगामा किया और राजकीय संपति को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया। बिना अनुमति वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करते हुए उसकी छवि को खराब करने का प्रयास किया गया। इस दौरान इलाज के लिए आई महिला के साथ आए व्यक्ति ने उस पर हमला करने का भी प्रयास किया। 

 


प्रार्थिया ने बताया कि बंधक बनाए जाने के चलते उसने दूरभाष से पुरी घटना पुलिस अधीक्षक को बताई। जिसके बाद पुलिसकर्मी मौके पर आए और बंधक से मुक्त करवाया। प्रार्थिया ने इसी को लेकर कार्रवाई की मांग की है। बता दे कि 30 मई को मकसूद अहमद सहित अन्य लोगों ने सिटी डिस्पेंसरी में जमकर हंगामा किया था। जिसके वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आए थे।

 

जिसमें मकसूद अपने साथियों के साथ महिला के साथ तेज आवाज और शोर शराबे के बीच मेज को थपथपाते हुए भी दिखाई दिए थे। इस दौरान महिला चिकित्सक लोगों के भय से चुपचान बैठी सब बाते सुनती हुई दिखाई दी थी। जिसके बाद महिला को एकबारगी सीएमएचओ ने कार्रवाई करते हुए सिटी डिस्पेंसरी से हटा दिया था। 

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