Khulasa Online
Breaking
• बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bharti

बीकानेर: जांच के पेटे फर्म को इतने करोड़ का ज्यादा भुगतान, सीएमओ ने मांगी रिपोर्ट

3 months ago
बीकानेर: जांच के पेटे फर्म को इतने करोड़ का ज्यादा भुगतान, सीएमओ ने मांगी रिपोर्ट

बीकानेर: जांच के पेटे फर्म को इतने करोड़ का ज्यादा भुगतान, सीएमओ ने मांगी रिपोर्ट

बीकानेर। कैंसर के मरीजों की पेट सीटी स्कैन और गामा कैमरे से जांच के पेटे फर्म को अब तक करीब 12 करोड़ का ज्यादा भुगतान हो चुका है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने भुगतान में अनियमिताओं के मामले की रिपोर्ट मांगी है। मुख्यमंत्री कार्यालय के संयुक्त सचिव(एचआर) ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख शासन सचिव को इस संबंध में पत्र लिखकर प्रकरण की प्रगति रिपोर्ट मांगी है। प्रमुख सचिव का यह पत्र हाल ही में पीबीएम अधीक्षक कार्यालय पहुंचा है, जिसे लेकर हड़कंप मचा हुआ है। मरीजों की काफी टीआईडी संदेह के घेरे में है।  

प्रकरण की जांच के लिए डॉ. संजय लोढ़ा को नोडल ऑफिसर बनाया गया। प्रारंभिक जांच में काफी टीआईडी गलत मिलने पर डॉ. लोढ़ा ने एक साल की टीआईडी के डॉक्यूमेंट जांच के लिए मांगे, जिसे लेकर काफी बवाल मचा। डॉ. लोढ़ा को जांच से हटा कर ड्रग वेयर हाउस इंचार्ज डॉ. शिव शंकर झंवर को जांच अधिकारी बनाया गया। उन्होंने 15 लाख के बिलों का ही सत्यापन किया, जिसमें मात्र 44 बिल दूसरी जांचों के पाए गए। इन सभी बिलों को निरस्त कर जांच बंद कर दी गई। पता चला है कि फर्म को अब तक करीब 16 करोड़ का भुगतान हो चुका है। अगस्त में टेंडर पूरा हो रहा है। तब तक यह भुगतान लगभग 20 करोड़ तक जाने की संभावना है।

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: