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सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा  2021 रद्द ही रहेगी: सुपीम कोर्ट

rk
7 hours ago
सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा  2021 रद्द ही रहेगी: सुपीम कोर्ट

सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा  2021 रद्द ही रहेगी: सुपीम कोर्ट
सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती-2021 रद्द ही रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने ट्रेनी SI (चयनित अभ्यर्थियों) की अपील को खारिज कर दिया है। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) को खारिज करते हुए कहा- हमारे सामने राजस्थान से हर महीने भर्ती में गड़बड़ी को लेकर करीब 20 मामले आ रहे हैं।

एसआई भर्ती में संस्थागत (सिस्टमैटिक) लीक हुआ है। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के एक सदस्य को पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है, जो प्रणालीगत स्तर पर गंभीर खामियों का संकेत है। इस आरोपी की जमानत भी सुप्रीम कोर्ट पहले ही खारिज कर चुका है।

सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि ऐसी स्थिति में दोषी और निर्दोष अभ्यर्थियों का पृथक्करण (सेपरेशन) ही एकमात्र वैधानिक उपाय होता है, लेकिन वर्तमान स्थितियों में यह संभव नहीं है। बेंच ने उदाहरण देते हुए कहा- NEET में 44 एमबीबीएस अभ्यर्थी पकड़े गए थे, तब भी सुप्रीम कोर्ट ने पूरी भर्ती रद्द कर दी थी।

यह टिप्पणी परीक्षा में धांधली के मामलों में कठोर मानक अपनाने का संकेत है। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि राजस्थान में बड़े पैमाने पर हुए पेपर लीक से दूषित चयन प्रक्रिया को वह मंजूरी (अप्रूवल) नहीं दे सकती है।

हाईकोर्ट की खंडपीठ के फैसले को दी थी चुनौती

राजस्थान हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 28 अगस्त 2025 को इस भर्ती को रद्द करने का फैसला सुनाया था। इसके बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ (Division Bench) ने 4 अप्रेल 2026 को फैसला सुनाते हुए इस आदेश को बरकरार रखा था।

खंडपीठ के इसी फैसले को चयनित अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन वहां से भी उन्हें निराशा हाथ लगी है।

केवल 6.3 प्रतिशत अभ्यर्थी ही ‘दूषित’

चयनित अभ्यर्थियों की ओर से बहस करते हुए सीनियर वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा- भर्ती में व्यापक स्तर पर पेपर लीक नहीं हुआ था। केवल 6.3 प्रतिशत अभ्यर्थी ही इस भर्ती में 'दूषित' पाए गए थे, जिनका पृथक्करण (निर्दोषों से अलग करना) पूरी तरह संभव था।

सिंघवी ने आगे कहा- करीब 838 अभ्यर्थी चयनित होकर पिछले दो साल से ज्यादा समय से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जिनके प्रशिक्षण पर भारी सार्वजनिक धन व्यय हुआ है। ऐसे में पूरी भर्ती को रद्द किए जाने का फैसला उचित नहीं है।

इसके जवाब में गैर-चयनित अभ्यर्थियों की ओर से सीनियर एडवोकेट जयदीप गुप्ता, ऋषभ संचेती और हरेंद्र नील ने कहा- इस भर्ती में सही और गलत अभ्यर्थियों को छांटना संभव नहीं है। जब भर्ती का पेपर खुद आयोग (RPSC) के सदस्य ने परीक्षा से 35 दिन पहले ही लीक कर दिया था तो ऐसी स्थिति में पूरी प्रक्रिया की गोपनीयता और शुचिता पूरी तरह से भंग हो चुकी है।

तत्कालीन चेयरमैन से कहा- कोई टिप्पणी नहीं हटेगी

इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने आज तत्कालीन RPSC चेयरमैन संजय श्रोत्रिय की अपील को भी खारिज कर दिया। संजय श्रोत्रिय ने एकलपीठ द्वारा उनके खिलाफ की गई टिप्पणियों को लेकर एसएलपी दायर की थी।

लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी एसएलपी को खारिज करते हुए कहा कि आप चेयरमैन थे। आपकी चेयरमैनशिप में ही सबकुछ हुआ है। यह सार्वजनिक हित से जुड़ा मामला है, कोई भी टिप्पणी नहीं हटेगी।

Sanskar
BC

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